पूरे साल का मुनाफा ₹20,021 करोड़
बैंक ऑफ बड़ौदा ने वितीय साल 2026 (FY26) के लिए ₹20,021.06 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जो पिछले साल (FY25) के ₹19,581.11 करोड़ की तुलना में 2.25% ज्यादा है। बैंक की कुल आय (Total Income) भी 3.38% बढ़कर ₹1,42,750.49 करोड़ हो गई है।
Q4 में भी तेजी जारी
मार्च 2026 को समाप्त हुई चौथी तिमाही (Q4 FY26) में, बैंक ने ₹5,615.68 करोड़ का नेट प्रॉफिट कमाया, जो पिछले साल की इसी अवधि के ₹5,047.73 करोड़ से 11.25% अधिक है।
एसेट क्वालिटी में हुआ सुधार
वित्तीय साल 2026 के अंत तक, बैंक की एसेट क्वालिटी (Asset Quality) में भी काफी सुधार देखा गया है। ग्रॉस एनपीए (Gross NPA) रेशियो 2.26% से घटकर 1.89% पर आ गया है। वहीं, नेट एनपीए (Net NPA) रेशियो भी 0.58% से सुधरकर 0.45% पर पहुँच गया है। यह पब्लिक सेक्टर बैंक के लिए एक मजबूत संकेत है।
शेयरधारकों को ₹8.50 का डिविडेंड
बैंक के बोर्ड ने वितीय साल 2026 के लिए ₹8.50 प्रति शेयर का डिविडेंड (Dividend) देने की सिफारिश की है। यह प्रस्ताव बैंक के मजबूत वित्तीय स्वास्थ्य और प्रदर्शन को दर्शाता है।
लीगल केस और प्रोविजन्स पर नजर
बैंक कुछ धोखाधड़ी के आरोपों से जुड़े कानूनी मामलों का सामना कर रहा है, जो डॉ. बीआर शेट्टी और एनएमसी ग्रुप से संबंधित हैं। इन कानूनी चुनौतियों के बीच, बैंक ने अपने प्रोविजन्स (Provisions) में भी बढ़ोतरी की है। FY26 के लिए प्रोविजन्स (टैक्स के अलावा) और आकस्मिकताएं बढ़कर ₹7,14,881 लाख हो गई हैं, जबकि FY25 में यह ₹5,98,025 लाख थी। निवेशकों को इस पर नजर रखनी चाहिए।
आगे क्या देखना है?
निवेशक मैनेजमेंट से भविष्य की प्रोविजनिंग (Provisioning) के रुझानों और एसेट क्वालिटी पर कमेंट्री की उम्मीद कर रहे हैं। साथ ही, जारी कानूनी मामलों के विकास और प्रतिस्पर्धी माहौल में बैंक की आगे की ग्रोथ स्ट्रेटेजी पर भी सबकी नजरें रहेंगी।
