28 साल से ज़्यादा का अनुभव, अब संभालेंगे बड़ी ज़िम्मेदारी
बैंक ऑफ बड़ौदा (Bank of Baroda) ने आधिकारिक तौर पर श्री धर शशि जैकिशोर को ट्रेजरी और ग्लोबल मार्केट्स (Treasury & Global Markets) के नए हेड के रूप में नियुक्त करने की घोषणा की है। यह नियुक्ति 6 मई 2026 से लागू होगी। श्री जैकिशोर बैंकिंग क्षेत्र में 28 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव रखते हैं और उन्होंने कॉमर्स, लॉ और बिजनेस फाइनेंस में मजबूत अकादमिक योग्यताएं भी हासिल की हैं।
ट्रेजरी और ग्लोबल मार्केट्स का महत्व
बैंक के संचालन में ट्रेजरी और ग्लोबल मार्केट्स डिवीजन की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। यह विभाग बैंक की लिक्विडिटी (liquidity), फंडिंग (funding), कैपिटल (capital), इन्वेस्टमेंट्स (investments) और प्रमुख फाइनेंशियल रिस्क (financial risks) का प्रबंधन करता है। इस डिवीजन के ज़रिए ही यह सुनिश्चित किया जाता है कि बैंक के पास पर्याप्त नकदी भंडार बना रहे, निवेश पर अच्छा रिटर्न मिले और विदेशी मुद्रा बाजारों (foreign exchange markets) में कुशलता से काम हो सके। यह सब बैंक की कुल वित्तीय स्थिरता (financial stability) और प्रॉफिटेबिलिटी (profitability) में सीधे तौर पर योगदान देता है।
पहले भी बैंक के साथ जुड़ाव
श्री जैकिशोर बैंक ऑफ बड़ौदा के वित्तीय संचालन से अच्छी तरह वाकिफ हैं, क्योंकि वे पहले भी बैंक के ट्रेजरी विभाग के प्रमुख (Head-Treasury) के तौर पर काम कर चुके हैं। उनके पिछले अनुभव में युगांडा में बैंक ऑफ बड़ौदा के संचालन का नेतृत्व करना भी शामिल है, जहाँ वे मैनेजिंग डायरेक्टर (Managing Director) थे। इससे उन्हें अंतरराष्ट्रीय बैंकिंग और बाजार की गतिशीलता की व्यापक समझ है। बैंक ऑफ बड़ौदा का खुद भी ट्रेजरी मार्केट्स में एक लंबा इतिहास रहा है, जो घरेलू और विदेशी दोनों शाखाओं के माध्यम से फॉरेक्स (forex) और मनी मार्केट (money market) ऑपरेशन्स का प्रबंधन करता है।
नेतृत्व का संभावित प्रभाव
श्री जैकिशोर के नेतृत्व में, बैंक से उम्मीद की जाती है कि वह मजबूत वित्तीय जोखिम प्रबंधन (financial risk management) और रणनीतिक बाजार सहभागिता (strategic market engagement) पर अपना ध्यान केंद्रित रखना जारी रखेगा। शेयरधारक ट्रेजरी फंक्शन्स को बेहतर बनाने, निवेश पर रिटर्न बढ़ाने और मुद्रा (currency) व ब्याज दर (interest rate) के जोखिमों के बेहतर प्रबंधन पर ज़ोर देख सकते हैं। उनके नेतृत्व से बैंक की वैश्विक वित्तीय स्थिति और परिचालन शक्ति को और मज़बूती मिलने की संभावना है।
पिछली चुनौतियों पर एक नज़र
हालांकि यह एक परिचालन नियुक्ति है, बैंक ऑफ बड़ौदा को अतीत में कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ा है। इनमें 2015 में सामने आए बड़े धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग के मामले शामिल हैं, जो जोखिम प्रबंधन और निरीक्षण में कमी से जुड़े थे। बैंक को दक्षिण अफ्रीका में अपने संचालन में भी कंप्लायंस (compliance) और लेनदेन निरीक्षण को लेकर रेगुलेटरी जांच का सामना करना पड़ा था। ये पिछली घटनाएं ट्रेजरी फंक्शन के भीतर मजबूत गवर्नेंस (governance) और संपूर्ण जोखिम प्रबंधन के महत्व को रेखांकित करती हैं, जिसका नेतृत्व अब श्री जैकिशोर करेंगे।
बाजार का संदर्भ
बैंक ऑफ बड़ौदा का ट्रेजरी और ग्लोबल मार्केट्स डिवीजन, सार्वजनिक क्षेत्र के अन्य बैंकों जैसे स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI), पंजाब नेशनल बैंक (PNB) और केनरा बैंक (Canara Bank) के संचालन के पैमाने के बराबर है। ये डिवीज़न बड़े पोर्टफोलियो के प्रबंधन, वैश्विक आर्थिक बदलावों से निपटने और विभिन्न वित्तीय इंस्ट्रूमेंट्स (financial instruments) में रेगुलेटरी कंप्लायंस (regulatory compliance) सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण हैं।
निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण बिंदु
निवेशक और विश्लेषक श्री जैकिशोर द्वारा ट्रेजरी और ग्लोबल मार्केट्स डिवीजन के लिए अपनाई जाने वाली रणनीतिक दिशा पर बारीकी से नज़र रखेंगे। लिक्विडिटी प्रबंधन, फॉरेन एक्सचेंज रणनीतियों, निवेश पोर्टफोलियो के प्रदर्शन और जोखिम कम करने वाले ढाँचों को मज़बूत करने के उनके दृष्टिकोण जैसे प्रमुख क्षेत्रों पर ध्यान दिया जाएगा। उनके नेतृत्व में वैश्विक वित्तीय बाजारों या बैंक के रिस्क एपेटाइट (risk appetite) के प्रति किसी भी महत्वपूर्ण बदलाव पर बारीकी से नज़र रखी जाएगी।
