नतीजों की गहराई: NIM और एडवांसेज में उछाल
आंकड़ों पर गौर करें तो, बैंक का ग्रॉस एडवांसेज 13% बढ़कर ₹1.54 लाख करोड़ पर पहुंच गया। वहीं, नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) में पिछले क्वार्टर के 5.9% की तुलना में सुधार हुआ और यह 6.2% पर आ गया। जमा की बात करें तो, कुल डिपॉजिट ₹1.66 लाख करोड़ रहे, जिसमें CASA रेशियो 29.3% रहा। बैंक ने बल्क डिपॉजिट्स में 7% की साल-दर-साल कटौती की है, ताकि फंडिंग में और अधिक विविधता लाई जा सके। एसेट क्वालिटी की बात करें तो ग्रॉस एनपीए (NPA) 3.3% और नेट एनपीए 1.0% पर स्थिर बने हुए हैं।
स्ट्रैटेजिक शिफ्ट: सिक्योर्ड लेंडिंग पर जोर
बैंक की सिक्योर्ड लेंडिंग बुक में 25% का साल-दर-साल ग्रोथ दर्ज की गई है, जो अब कुल एडवांसेज का 56% हो गया है। यह दिखाता है कि बैंक माइक्रो-क्रेडिट पर अपनी निर्भरता कम कर रहा है और लोन पोर्टफोलियो को डाइवर्सिफाई कर रहा है।
भविष्य की राह और गाइडेंस
आगे चलकर, बैंक का लक्ष्य FY27 के अंत तक सिक्योर्ड लोन बुक को कुल एडवांसेज का 58% तक ले जाना है। बैंक का लक्ष्य FY27 के अंत तक रिटर्न ऑन एसेट्स (ROA) को 1.6% से 1.7% के बीच लाना है। अगले फाइनेंशियल ईयर के लिए क्रेडिट ग्रोथ का लक्ष्य 14% से 15% रखा गया है। अगले 2-3 क्वार्टर्स में NIM में 10-20 बेसिस पॉइंट्स की और वृद्धि का अनुमान है। साथ ही, बैंक ने ₹1.50 प्रति शेयर का डिविडेंड (Dividend) भी सुझाया है।
संभावित चुनौतियां
ऑपरेटिंग खर्च में 10% की वृद्धि देखी गई, जिसका एक कारण नॉन-रिकरिंग खर्चे थे। एक बड़ी चुनौती ECL (Expected Credit Loss) रेगुलेशंस का संभावित प्रभाव है, जिसका अनुमान ₹1,250 करोड़ लगाया गया है, हालांकि यह 5 सालों में धीरे-धीरे लागू होगा। इसके अलावा, भू-राजनीतिक तनाव भी संभावित जोखिमों में शामिल हैं।
साथियों की रणनीति
Bandhan Bank की सिक्योर्ड लोन बुक बढ़ाने और रिटेल डिपॉजिट मजबूत करने की रणनीति AU Small Finance Bank और Equitas Small Finance Bank जैसी अन्य बैंकों की रणनीतियों के अनुरूप है।
