गवर्नेंस में निरंतरता सुनिश्चित: Bandhan Bank ने नियुक्त किया अंतरिम ऑडिटर
Bandhan Bank ने अपने आंतरिक ऑडिट (Internal Audit) फंक्शन में निरंतरता बनाए रखने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। बैंक के बोर्ड ने तत्काल प्रभाव से Sandip Kumar Bubna को अंतरिम Chief Audit Executive (CAE) / Head of Internal Audit (HIA) नियुक्त किया है। यह नियुक्ति Mr. Navin Sharma के इस पद से इस्तीफे के बाद की गई है, ताकि गवर्नेंस (Governance) के महत्वपूर्ण ढांचे को मजबूती मिले।
बोर्ड की मंजूरी और अवधि
बैंक के निदेशक मंडल (Board of Directors) ने 27 अप्रैल, 2026 को हुई बैठक में Sandip Kumar Bubna की इस अंतरिम नियुक्ति को हरी झंडी दे दी। यह नियुक्ति अगले छह महीनों के लिए या जब तक किसी स्थायी उम्मीदवार का चयन कर नियुक्ति नहीं हो जाती, तब तक प्रभावी रहेगी। बैंक ने 14 जनवरी, 2026 को Navin Sharma के इस्तीफे की सूचना बाज़ार को दी थी।
मुख्य भूमिका और पृष्ठभूमि
Chief Audit Executive (CAE) का पद किसी बैंक के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। यह सुनिश्चित करता है कि बैंक के आंतरिक नियंत्रण (Internal Controls), जोखिम प्रबंधन (Risk Management) और नियामक अनुपालन (Regulatory Compliance) पूरी तरह से प्रभावी हों। Navin Sharma, जिन्होंने 19 मई, 2025 को यह पद संभाला था, ने व्यक्तिगत कारणों से इस्तीफा दिया था। उनके इस्तीफे से पहले, Mayank Ghoshal ने अंतरिम CAE के तौर पर काम संभाला था।
Sandip Kumar Bubna का अनुभव
नए अंतरिम CAE, Sandip Kumar Bubna, बैंकिंग आंतरिक ऑडिट में 15 साल से अधिक का अनुभव रखते हैं। वह अगस्त 2025 में Bandhan Bank में सूचना प्रणाली ऑडिट (Information Systems Audit) का नेतृत्व करने के लिए शामिल हुए थे। वह एक चार्टर्ड अकाउंटेंट (Chartered Accountant) हैं और उनके पास DISA और CISSP जैसी महत्वपूर्ण सर्टिफिकेशन भी हैं। Bandhan Bank से पहले, उन्होंने ICICI Bank में सीनियर ऑडिट मैनेजर के तौर पर सूचना प्रणाली ऑडिट का जिम्मा संभाला था।
इंडस्ट्री प्रैक्टिस (Industry Practice)
HDFC Bank, ICICI Bank, और Axis Bank जैसे प्रमुख भारतीय निजी बैंक भी मजबूत गवर्नेंस ढांचे (Governance Frameworks) के तहत Chief Audit Executive जैसे पदों पर नियुक्तियां करते हैं। यह इन संस्थानों में आम बात है कि वे संक्रमण काल के दौरान परिचालन स्थिरता (Operational Stability) सुनिश्चित करने के लिए अंतरिम नेताओं की नियुक्ति करें। पूरा बैंकिंग क्षेत्र RBI के आंतरिक ऑडिट और अनुपालन संबंधी सख्त दिशानिर्देशों के तहत काम करता है।
आगे क्या?
यह नियुक्ति सुनिश्चित करती है कि बैंक का आंतरिक ऑडिट विभाग सुचारू रूप से काम करता रहेगा। शेयरधारकों (Shareholders) के लिए यह राहत की बात है कि महत्वपूर्ण गवर्नेंस प्रक्रियाएं बाधित नहीं होंगी। अब सबकी निगाहें इस बात पर होंगी कि बैंक कितनी जल्दी एक स्थायी Chief Audit Executive/Head of Internal Audit का चयन करता है, ताकि यह महत्वपूर्ण पद पूरी तरह से स्थापित हो सके।
