Q3 में दिखा दमदार प्रदर्शन
Bajaj Housing Finance ने हाल ही में अपने तीसरी तिमाही के नतीजे जारी किए हैं, जिसमें कंपनी का नेट प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) 21.10% बढ़कर ₹664.89 करोड़ रहा। यह पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में एक बड़ी उछाल है। कंपनी की कुल आय (Total Income) भी 17.85% बढ़कर ₹2,886.04 करोड़ हो गई। दिसंबर 2025 तक, कंपनी की एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) यानी मैनेज किए जा रहे कुल लोन का मूल्य 23% बढ़कर ₹1,33,412 करोड़ पर पहुंच गया।
मार्केट का दबाव और लॉक-इन का साया
हालांकि, कंपनी का यह मजबूत वित्तीय प्रदर्शन कुछ बड़ी चुनौतियों के बीच आया है। 13 अप्रैल, 2026 को कंपनी के 25% शेयरों का लॉक-इन पीरियड खत्म हो गया, जिसकी कीमत लगभग ₹17,700 करोड़ है। इस बड़े हिस्से के बाजार में आने से शेयर पर दबाव बना हुआ है। एनालिस्ट्स (Analysts) धीमी ग्रोथ और बढ़ती प्रतिस्पर्धा को लेकर भी चिंतित हैं, जिसने कंपनी के स्टॉक को जांच के दायरे में ला दिया है।
इंडस्ट्री में कॉम्पिटिशन और ब्रोकरेज की राय
Bajaj Housing Finance, Bajaj Finance की सब्सिडियरी (Subsidiary) है और मुख्य रूप से होम लोन और प्रॉपर्टी पर लोन देने का काम करती है। यह LIC Housing Finance और PNB Housing Finance जैसी कंपनियों के साथ कॉम्पिटिशन (Competition) में है। हाल ही में, JPMorgan ने Bajaj Housing Finance पर 'Underweight' रेटिंग दी है, जबकि PNB Housing Finance की टर्नअराउंड स्टोरी को बेहतर बताया है। JPMorgan का मानना है कि Bajaj Housing Finance अपने मार्जिन को बेहतर करने के लिए अब ज्यादा यील्ड (Yield) वाले लोन सेगमेंट पर फोकस कर रही है।
निवेशकों के लिए मुख्य फोकस एरिया
आने वाली कॉन्फ्रेंस कॉल निवेशकों के लिए कंपनी की वित्तीय सेहत और भविष्य की रणनीति को समझने का एक अहम मौका होगी। इसमें लोन ग्रोथ, नेट इंटरेस्ट मार्जिन (Net Interest Margin) और एसेट क्वालिटी (Asset Quality) पर मैनेजमेंट का आउटलुक (Outlook) चर्चा का मुख्य विषय रहेगा। निवेशक हालिया एनालिस्ट डाउनग्रेड्स (Downgrades) पर कंपनी की प्रतिक्रिया और शेयर लॉक-इन एक्सपायरी के संभावित असर को भी जानने की कोशिश करेंगे।