कंपनी के इस दमदार प्रदर्शन का श्रेय लोन बुक में हुई अच्छी ग्रोथ को जा रहा है। ये नतीजे 31 मार्च, 2026 को समाप्त तिमाही और पूरे फाइनेंशियल ईयर 2026 के लिए हैं। कंपनी ने 27 अप्रैल, 2026 को अपनी Q4 FY26 कॉन्फ्रेंस कॉल के मैटेरियल्स भी वेबसाइट पर उपलब्ध कराए हैं, जिनसे निवेशकों को मैनेजमेंट की कमेंट्री और कंपनी के आउटलुक की गहरी जानकारी मिलेगी।
पूरे फाइनेंशियल ईयर 2026 की बात करें तो, Bajaj Housing Finance का नेट प्रॉफिट 18% बढ़कर ₹2,560 करोड़ रहा, जबकि नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) 25% की शानदार तेजी के साथ ₹3,752 करोड़ पर पहुंच गई। FY26 में लोन का डिस्बर्समेंट 27% बढ़कर ₹64,616 करोड़ रहा, जो कंपनी के प्रोडक्ट्स की मजबूत मांग को दर्शाता है।
31 मार्च, 2026 तक, कंपनी की एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) 23% बढ़कर ₹1,40,706 करोड़ हो गई। वहीं, ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (GNPA) रेशियो Q4 FY26 में 0.27% रहा, जो पिछले साल की समान तिमाही के 0.29% से थोड़ा बेहतर है। कैपिटल एडिक्वेसी रेशियो (CAR) भी 22.46% के मजबूत स्तर पर है, जो रेगुलेटरी ज़रूरतों से काफी ऊपर है।
हालांकि, संभावित लोन लॉसेस के लिए प्रोविजन्स का बढ़ना निवेशकों के लिए एक अहम पॉइंट है जिस पर नज़र रखनी होगी। कंपनी को फरवरी 2024 में RBI ने मैनेजमेंट में बदलाव के लिए पूर्व मंजूरी न लेने पर ₹5 लाख का जुर्माना भी लगाया था, जो गवर्नेंस के मोर्चे पर एक अहम बात है।
Bajaj Housing Finance, LIC Housing Finance Ltd और Shriram Finance Ltd जैसी कंपनियों के साथ प्रतिस्पर्धा करती है। पिछले पांच सालों में, BHFL की रेवेन्यू ग्रोथ 29.33% रही है, जो इंडस्ट्री की औसत 16.79% से काफी बेहतर है। निवेशक आगे चलकर मैनेजमेंट की कमेंट्री पर नज़र रखेंगे कि कंपनी FY27 में ग्रोथ कैसे जारी रखेगी, साथ ही नेट इंटरेस्ट मार्जिन्स (NIMs) की स्थिरता, प्रोविजन्स का ट्रेंड और रेगुलेटरी कंप्लायंस जैसे मुद्दों पर भी नजर रहेगी।
