Bajaj Housing Finance के दमदार नतीजे: AUM ₹1.4 लाख करोड़ के पार, Profit में 20% की ग्रोथ
Bajaj Housing Finance Ltd. ने फाइनेंशियल ईयर 2026 की चौथी तिमाही (Q4 FY26) के नतीजे पेश किए हैं। कंपनी ने ₹1.4 लाख करोड़ (₹140,000 करोड़) के एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) का अहम पड़ाव पार किया है, जो पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 23% की मजबूत ग्रोथ दर्शाता है। कंपनी के नॉर्मलाइज्ड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) में 20% का इजाफा दर्ज किया गया है।
ऑपरेशनल एफिशिएंसी में सुधार, पर मार्जिन पर दबाव
इस शानदार परफॉरमेंस के पीछे ऑपरेशनल एफिशिएंसी में सुधार का बड़ा हाथ है। कंपनी का ऑपरेटिंग एक्सपेंस टू नेट टोटल इनकम रेशियो घटकर 19.2% पर आ गया है, जो पिछले साल 21.8% था। हालांकि, भारी कॉम्पिटिशन और बैलेंस ट्रांसफर के चलते कंपनी के मार्जिन पर दबाव बना हुआ है। मैनेजमेंट का अनुमान है कि यह यील्ड प्रेशर फाइनेंशियल ईयर 2027 (FY27) तक जारी रहेगा।
एसेट क्वालिटी मजबूत, लोन बुक में बड़ा इजाफा
कंपनी की एसेट क्वालिटी (Asset Quality) बेहद मजबूत बनी हुई है। ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (GNPA) केवल 27 बेसिस पॉइंट्स पर हैं, जबकि नेट नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (NNPA) 11 बेसिस पॉइंट्स पर हैं। होम लोन, कंपनी की कुल लोन बुक का 54.1% है। वहीं, प्रॉपर्टी पर लोन (LRD) में 44% की प्रभावशाली ग्रोथ देखी गई है और यह अब कुल मिक्स का 22.4% हो गया है। डायरेक्ट फंडिंग (DF) में 13% की बढ़ोतरी हुई है।
भविष्य की राह: ग्रोथ के साथ चुनौती
₹1.4 लाख करोड़ AUM का आंकड़ा पार करना Bajaj Housing Finance की ग्रोथ की कहानी कहता है, खासकर मुश्किल कॉम्पिटिटिव माहौल में। वहीं, कंपनी ने FY27 के लिए 21-23% की आक्रामक AUM ग्रोथ का लक्ष्य रखा है और रिटर्न ऑन एसेट्स (ROA) को 2.0%-2.2% की रेंज में बनाए रखने की कोशिश करेगी।
प्राइम हाउसिंग मार्केट में 'अतार्किक कॉम्पिटिटिव एक्टिविटी' (irrational competitive activity) प्राइसिंग पावर को प्रभावित कर सकती है। लोन बुक का लगभग 10% हिस्सा बैलेंस ट्रांसफर के चलते प्रतिद्वंद्वियों के पास जा सकता है। इस वजह से, FY27 तक पुराने, ज्यादा यील्ड वाले लोन के नए, कम यील्ड वाले लोन से रिप्लेस होने से मार्जिन पर दबाव आने की आशंका है।
निवेशक (Investors) नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIMs) पर बारीकी से नजर रखेंगे कि कंपनी इस यील्ड कंप्रेशन को कैसे हैंडल करती है। 'संभव हाउसिंग' जैसी नई पहलों से मंथली ₹600 करोड़ के डिस्बर्समेंट का लक्ष्य भी अहम होगा।
इंडस्ट्री की चाल और कंपनी के आंकड़े
Bajaj Housing Finance, HDFC Ltd. (अब HDFC Bank का हिस्सा), LIC Housing Finance और PNB Housing Finance जैसे बड़े दिग्गजों के साथ इस सेक्टर में मुकाबला करती है। मार्केट शेयर हासिल करने की दौड़ में कॉम्पिटिटिव प्राइसिंग और मार्जिन प्रेशर इस सेक्टर की पहचान बन गए हैं। Q4 FY26 में, होम लोन यील्ड 8.5-8.6% थी, जबकि NCD रेट्स 7% के करीब थीं। इंश्योरेंस से ₹297 करोड़ की फी इनकम दर्ज की गई।
