Bajaj Housing Finance FY26 Results: निवेशकों की बल्ले-बल्ले! नेट प्रॉफिट **18%** बढ़ा, AUM छू रहा आसमान!

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AuthorAditya Rao|Published at:
Bajaj Housing Finance FY26 Results: निवेशकों की बल्ले-बल्ले! नेट प्रॉफिट **18%** बढ़ा, AUM छू रहा आसमान!
Overview

Bajaj Housing Finance के शेयरधारकों के लिए अच्छी खबर है! कंपनी ने FY26 के लिए अपने ऑडिटेड नतीजे जारी कर दिए हैं, जिसमें नेट प्रॉफिट **18%** बढ़कर **₹2,560 करोड़** पर पहुंच गया है। वहीं, कंपनी का एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) भी **23%** बढ़कर **₹1,40,706 करोड़** हो गया है।

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Bajaj Housing Finance का दमदार प्रदर्शन

Bajaj Housing Finance ने 31 मार्च 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर के लिए अपने नतीजे पेश किए हैं। कंपनी के प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) में पिछले साल की तुलना में 18% का जबरदस्त उछाल आया है, जो ₹2,560 करोड़ रहा। इसी के साथ, कंपनी का एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) भी 23% बढ़कर ₹1,40,706 करोड़ तक पहुंच गया है। कंपनी ने अपनी एसेट क्वालिटी को भी शानदार बनाए रखा है, जहां ग्रॉस एनपीए (Gross NPA) सिर्फ 0.27% रहा। इसे ऑडिटर की तरफ से भी हरी झंडी मिली है, जो कंपनी के मजबूत कामकाज का संकेत है।

प्रॉफिट और लोन एसेट्स में भी जोरदार ग्रोथ

नतीजों के मुताबिक, कंपनी का प्रॉफिट बिफोर टैक्स (PBT) 20% बढ़कर ₹3,320 करोड़ पर पहुंच गया। वहीं, लोन एसेट्स में 24% की बढ़ोतरी हुई और यह ₹1,23,745 करोड़ के आंकड़े तक पहुंच गए। कंपनी की एसेट क्वालिटी बेहद मजबूत बनी हुई है, ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट (NPA) रेश्यो 0.27% पर है। ऑडिटर Mukund M. Chitale & Co. और Singhi & Co. ने वित्तीय बयानों पर 'अनमोडिफाइड ओपिनियन' (unmodified opinion) जारी किया है।

ग्रोथ स्ट्रैटेजी का असर

ये नतीजे Bajaj Housing Finance की इफेक्टिव ग्रोथ स्ट्रैटेजी और हाउसिंग फाइनेंस मार्केट में एफिशिएंट ऑपरेशंस को दिखाते हैं। AUM और लोन एसेट्स में भारी बढ़ोतरी, मजबूत प्रॉफिटेबिलिटी और कम NPA, ये सब कंपनी के हेल्दी बिजनेस मोमेंटम को दर्शाते हैं। यह प्रदर्शन बाजार में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने की क्षमता के साथ-साथ वित्तीय अनुशासन बनाए रखने की काबिलियत को भी दिखाता है।

पैरेंट कंपनी के मुद्दे और कैपिटल

Bajaj Housing Finance, जो Bajaj Finance Ltd. की सब्सिडियरी है, एक 'अपर-लेयर' एनबीएफसी (NBFC) के तौर पर काम करती है। अपने विस्तार को सहारा देने के लिए, कंपनी ने हाल ही में नॉन-कनवर्टिबल डिबेंचर्स (NCDs) के जरिए काफी कैपिटल जुटाया है, जिसमें जनवरी 2026 में ₹500 करोड़, मार्च 2026 में ₹503.41 करोड़, और अप्रैल 2026 में ₹1008.32 करोड़ शामिल हैं। हालांकि, पैरेंट कंपनी Bajaj Finance द्वारा हाल ही में सामना की गई रेगुलेटरी समस्याओं का असर निवेशकों की भावना पर पड़ सकता है। अगस्त 2024 में, Bajaj Finance को कथित जीएसटी चोरी के लिए ₹341 करोड़ का शो-कॉज नोटिस मिला था, और नवंबर 2023 में, आरबीआई (RBI) ने दिशा-निर्देशों का पालन न करने के कारण उसे कुछ डिजिटल लेंडिंग प्रोडक्ट्स से प्रतिबंधित कर दिया था।

आगे की राह में संभावित चुनौतियाँ

हालांकि Bajaj Housing Finance का स्टैंडअलोन परफॉर्मेंस मजबूत है, लेकिन पैरेंट कंपनी की रेगुलेटरी चुनौतियों का असर कुल मिलाकर निवेशक भावना को प्रभावित कर सकता है। Bajaj Housing Finance को खुद फरवरी 2024 में आरबीआई (RBI) द्वारा मैनेजमेंट में बदलाव की सूचना देने में चूक के लिए ₹5 लाख का मामूली जुर्माना भरना पड़ा था। भविष्य की प्रॉफिटेबिलिटी पर हाउसिंग फाइनेंस सेक्टर में मार्जिन प्रेशर या बढ़ती प्रतिस्पर्धा का भी असर पड़ सकता है।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.