Bajaj Finserv Limited की Compensation Committee ने कर्मचारियों के लिए 52,14,560 Employee Stock Options (ESOPs) जारी करने को मंजूरी दे दी है। ये ऑप्शंस ₹1,764.20 प्रति शेयर के हिसाब से दिए गए हैं, जो 29 अप्रैल, 2026 को कंपनी के क्लोजिंग शेयर प्राइस के आधार पर तय किए गए हैं। इस कदम का मुख्य उद्देश्य कर्मचारियों को मोटिवेट करना और उन्हें कंपनी की लॉन्ग-टर्म ग्रोथ से जोड़ना है।
ग्रांट की मुख्य बातें
ये ESOPs 'BFS-ESOS' स्कीम के तहत जारी किए गए हैं। हर ऑप्शन धारक को ₹1,764.20 के एक्सरसाइज प्राइस पर Bajaj Finserv का एक इक्विटी शेयर खरीदने का अधिकार मिलेगा। प्रत्येक शेयर की नॉमिनल फेस वैल्यू ₹1 है। ये ऑप्शंस अपनी संबंधित वेस्टिंग डेट्स से पांच साल की अवधि में एक्सरसाइज किए जा सकेंगे।
यह इंसेंटिव क्यों खास है?
शेयर ऑप्शन का यह ग्रांट योग्य कर्मचारियों के लिए एक बड़ा इंसेंटिव है, जो उनके फाइनेंशियल रिवॉर्ड्स को Bajaj Finserv के लगातार परफॉरमेंस और वैल्यू ग्रोथ से सीधे जोड़ता है। जब कर्मचारी इन ऑप्शंस को एक्सरसाइज करेंगे, तो नए इक्विटी शेयर जारी होंगे, जिससे कंपनी के कुल शेयर कैपिटल स्ट्रक्चर में बदलाव आ सकता है।
Bajaj Finserv में ESOPs कैसे काम करते हैं?
Employee Stock Option Plans (ESOPs) कंपनियों के लिए टैलेंट को आकर्षित करने और बनाए रखने का एक आम तरीका है। Bajaj Finserv ने अपनी 'BFS-ESOS' स्कीम का इस्तेमाल किया है, जो पहली बार 2018 में अप्रूव हुई थी और बाद में इसमें अपडेट किए गए। इस प्लान के तहत, एक्सरसाइज प्राइस ग्रांट से पहले मार्केट रेट के करीब तय किया जाता है, और वेस्टिंग टाइमलाइन्स और एक्सरसाइज विंडो Compensation Committee द्वारा निर्धारित किए जाते हैं।
आगे क्या होगा?
- कर्मचारी अधिकार: योग्य कर्मचारियों को एक तय प्राइस पर कंपनी के शेयर खरीदने की क्षमता मिलेगी।
- शेयर कैपिटल पर असर: यदि कर्मचारी इन ऑप्शंस को एक्सरसाइज करते हैं, तो कंपनी के कुल इशूड शेयर कैपिटल में बढ़ोतरी हो सकती है।
- तालमेल: यह कदम कर्मचारी हितों को शेयरधारकों के हितों के साथ और मजबूती से जोड़ता है, जिससे सामूहिक स्वामित्व और प्रतिबद्धता की भावना बढ़ती है।
इंडस्ट्री प्रैक्टिस
भारत की लीडिंग फाइनेंशियल सर्विसेज कंपनियां, जैसे HDFC Bank और Kotak Mahindra Bank, नियमित रूप से ESOPs का उपयोग अपने कंपनसेशन और रिटेंशन स्ट्रैटेजी के हिस्से के रूप में करती हैं। उदाहरण के लिए, HDFC Bank ने हाल ही में अपनी ESOP प्रोग्राम के तहत 3.83 लाख से ज़्यादा शेयर अलॉट किए थे।
निवेशकों का फोकस
निवेशक इन नए ग्रांट किए गए ऑप्शंस की वेस्टिंग शेड्यूल और कर्मचारियों द्वारा उन्हें एक्सरसाइज करने की दर पर नजर रखेंगे। वे ऑप्शन एक्सरसाइज के परिणामस्वरूप कंपनी के शेयरहोल्डिंग पैटर्न में किसी भी बदलाव पर भी ध्यान देंगे और समय के साथ कर्मचारी रिटेंशन और कंपनी के परफॉरमेंस पर इन इंसेंटिव्स के समग्र प्रभाव का आकलन करेंगे।
