Bajaj Finance ने अपना ऑडिटेड फाइनेंशियल ईयर 2025-26 का रिजल्ट जारी कर दिया है। कंपनी ने ₹19,332.36 करोड़ का कंसोलिडेटेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) दर्ज किया है, जो कि निवेशकों के लिए एक बड़ी ख़ुशख़बरी है। इसके साथ ही, कंपनी के बोर्ड ने ₹6 प्रति शेयर के फाइनल डिविडेंड की सिफारिश की है, जो शेयरधारकों को सीधे तौर पर फायदा पहुंचाएगा।
नतीजों की मुख्य बातें:
कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर के लिए स्टैंडअलोन और कंसोलिडेटेड फाइनेंशियल स्टेटमेंट को मंजूरी दे दी है। इस दौरान, कंसोलिडेटेड AUM (Assets Under Management) में 22% की ज़बरदस्त बढ़ोतरी देखी गई और यह ₹5,09,975 करोड़ के स्तर पर पहुंच गया। पिछले फाइनेंशियल ईयर में यह आंकड़ा लगभग ₹4,18,016 करोड़ था।
डिविडेंड का पूरा हिसाब:
सिफारिश किए गए ₹6 प्रति शेयर के फाइनल डिविडेंड में ₹0.60 प्रति शेयर का स्पेशल पेआउट भी शामिल है। डिविडेंड के लिए रिकॉर्ड डेट 30 जून, 2026 तय की गई है। शेयरधारकों की अंतिम मंजूरी 30 जुलाई, 2026 को होने वाली एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में ली जाएगी, और डिविडेंड का क्रेडिट 3 अगस्त, 2026 तक कर दिया जाएगा।
FY26 के लिए कंसोलिडेटेड PAT ₹19,332.36 करोड़ रहा, जबकि स्टैंडअलोन PAT ₹17,803.87 करोड़ दर्ज किया गया।
कंपनी की ग्रोथ और भविष्य:
₹5 लाख करोड़ से अधिक के AUM तक पहुंचना कंपनी के बढ़ते लोन बुक और मार्केट में मजबूत पकड़ को दर्शाता है। Bajaj Finance की लगातार अच्छी परफॉर्मेंस रही है और यह आम तौर पर अपने मुनाफे का 15-20% डिविडेंड के रूप में बांटती है।
प्रतिस्पर्धी माहौल और जोखिम:
मार्केट में Bajaj Finance की पोजीशन मजबूत है। हालांकि, Shriram Finance जैसे अन्य NBFCs के मुकाबले यह काफी बड़ी है। हाल ही में, RBI ने Bajaj Finance और इसकी सब्सिडियरी Bajaj Housing Finance पर नियमों के उल्लंघन के चलते ₹8.5 लाख और ₹5 लाख का फाइन लगाया था, लेकिन इनका कंपनी पर ज़्यादा असर नहीं देखा गया। कंपनी के लिए क्रेडिट क्वालिटी और बढ़ता कॉम्पिटिशन मुख्य जोखिम बने हुए हैं।
