Q4 में दमदार प्रदर्शन, पर इन बातों पर रखें नजर!
Bajaj Finance ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त तिमाही के लिए शानदार नतीजे घोषित किए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट साल-दर-साल 22% बढ़कर ₹5,464.57 करोड़ दर्ज किया गया। वहीं, कंपनी के AUM (Assets Under Management) ने ₹5.09 लाख करोड़ का बड़ा आंकड़ा पार कर लिया, जो पिछले साल की तुलना में 22% ज्यादा है।
पूरे साल का प्रदर्शन और ग्रोथ ड्राइवर्स
पूरे फाइनेंशियल ईयर (FY26) के लिए, नेट प्रॉफिट 14.3% बढ़कर ₹19,017 करोड़ पर पहुंच गया। कंपनी की ग्रोथ को नए ग्राहकों से भी मजबूती मिली है। Q4 FY26 में Bajaj Finance ने 1.29 करोड़ (12.89 मिलियन) नए लोन दिए, जो पिछले साल की समान अवधि से 20% ज्यादा हैं। इससे कंपनी का कस्टमर बेस 17% बढ़कर 11.93 करोड़ (119.33 मिलियन) हो गया।
एसेट क्वालिटी और डिविडेंड पर चिंताएं
हालांकि, इन मजबूत नतीजों के साथ कुछ चिंताएं भी सामने आई हैं। कंपनी की एसेट क्वालिटी पर थोड़ा दबाव दिखा है। ग्रॉस एनपीए (Gross NPA) पिछले तिमाही के 0.96% से बढ़कर 1.01% हो गया है। MSME सेगमेंट में बैड लोन (Bad Loans) की बढ़ती संख्या एक चिंता का विषय बनी हुई है। इसके अलावा, FY26 के लिए घोषित ₹6 प्रति शेयर का डिविडेंड (Dividend) जुलाई 2019 के बाद सबसे कम है। यह भविष्य की कमाई को लेकर कंपनी की सावधानी या पूंजी आवंटन रणनीति का संकेत हो सकता है।
नेतृत्व परिवर्तन और वैल्यूएशन
एक और अहम बात यह है कि लंबे समय से नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर (Non-Executive Director) रहे राजीव बजाज (Rajiv Bajaj) ने बोर्ड से इस्तीफा दे दिया है। यह एक महत्वपूर्ण नेतृत्व परिवर्तन है। Valuation की बात करें तो Bajaj Finance का P/E रेश्यो (Price-to-Earnings Ratio) लगभग 31.5-32.3x है, जो HDFC Bank (लगभग 15.8x) और ICICI Bank (लगभग 18.4x) जैसे बड़े बैंकों की तुलना में ज्यादा है।
मुख्य वित्तीय आंकड़े
- Q4 FY26 कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट: ₹5,464.57 करोड़ (22% साल-दर-साल बढ़ोतरी)
- 31 मार्च, 2026 तक AUM: ₹5,09,975 करोड़ (22% की बढ़ोतरी)
- 31 मार्च, 2026 तक ग्रॉस एनपीए: 1.01%
- 31 मार्च, 2026 तक नेट एनपीए: 0.41%
आगे क्या?
निवेशक अब एनालिस्ट्स की रिपोर्ट्स और मैनेजमेंट की कमेंट्री का इंतजार करेंगे, ताकि एसेट क्वालिटी, MSME सेगमेंट के प्रदर्शन, कैपिटल एलोकेशन पॉलिसी (Capital Allocation Policy) और राजीव बजाज के इस्तीफे के बाद कंपनी की रणनीतिक दिशा को बेहतर ढंग से समझ सकें।
