क्यों बंद हो रही है ट्रेडिंग विंडो?
यह कदम भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) के इनसाइडर ट्रेडिंग रेगुलेशन, 2015 के तहत उठाया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कंपनी के अंदरूनी लोगों को, जिनके पास अभी सार्वजनिक न हुए वित्तीय आंकड़ों की जानकारी है, वे शेयर की खरीद-बिक्री न कर सकें। इससे बाजार में निष्पक्षता और पारदर्शिता बनी रहती है। SEBI ने हाल ही में इन नियमों को और सख्त किया है।
इन लोगों पर होगा असर
ट्रेडिंग विंडो बंद रहने के दौरान, कंपनी के डेजिग्नेटेड कर्मचारी और उनके परिवार के सदस्य Bajaj Finance के शेयर या किसी अन्य सिक्योरिटीज़ की खरीद-बिक्री नहीं कर पाएंगे। यह कदम सभी निवेशकों के लिए एक समान अवसर सुनिश्चित करेगा जब वित्तीय नतीजे सार्वजनिक होंगे।
यह इंडस्ट्री की स्टैंडर्ड प्रैक्टिस है
यह ट्रेडिंग विंडो बंद करना वित्तीय क्षेत्र में एक आम प्रक्रिया है। HDFC Bank ने भी अपने FY26 के नतीजों के लिए 25 मार्च से 2 अप्रैल, 2026 तक अपनी विंडो बंद रखी थी। इसी तरह, ICICI Bank ने भी Q2 FY26 के नतीजों के लिए 1 से 20 अक्टूबर, 2025 तक ऐसी ही प्रक्रिया अपनाई थी। यह वित्तीय जगत में एक समान नियामक दृष्टिकोण को दर्शाता है।
निवेशक क्या देख रहे हैं?
निवेशक अब बोर्ड मीटिंग की तारीख का इंतजार कर रहे हैं, जिसमें Q4 और पूरे वित्तीय वर्ष 2025-26 के वित्तीय विवरणों को मंजूरी दी जाएगी। इसके बाद, ऑडिट किए गए नतीजों के जारी होने और ट्रेडिंग विंडो के फिर से खुलने (जो नतीजों के ऐलान के दो दिन बाद होगा) पर सबकी नज़रें रहेंगी।
