Q4 FY26 में Aye Finance की दमदार परफॉरमेंस!
Aye Finance Ltd. ने 31 मार्च 2026 को समाप्त हुई चौथी तिमाही और पूरे फाइनेंशियल ईयर के लिए अपने मजबूत नतीजे घोषित किए हैं। कंपनी ने Q4 FY26 में ₹86 करोड़ का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) दर्ज किया, जो कि पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 110% की बड़ी उछाल है।
पूरे फाइनेंशियल ईयर 2026 (FY26) के लिए, Aye Finance का PAT 13% बढ़कर ₹194 करोड़ रहा। कंपनी का कुल रेवेन्यू ₹1,797 करोड़ तक पहुंच गया। इस शानदार प्रदर्शन में सबसे बड़ा योगदान कंपनी की AUM (Assets Under Management) का रहा, जो 27% बढ़कर ₹7,044 करोड़ हो गई। लोन के वितरण (Disbursements) में भी 25% की वृद्धि देखी गई, जिसने AUM ग्रोथ को सपोर्ट किया।
फाइनेंशियल ईयर 2026 के मुख्य आंकड़े:
FY26 के लिए कंपनी का PAT ₹194 करोड़ रहा, जबकि कुल रेवेन्यू ₹1,797 करोड़ दर्ज किया गया। AUM में 27% की सालाना वृद्धि के साथ यह ₹7,044 करोड़ तक पहुंच गई, और लोन वितरण 25% बढ़ा।
एसेट क्वालिटी के मोर्चे पर भी सुधार दिखा। FY26 के लिए ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (GNPA) 4.8% पर थे, जबकि नेट नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (NNPA) 1.8% पर रहे। कंपनी ने Q4 FY26 में 16% का रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) और पूरे फाइनेंशियल ईयर के लिए 9.3% का ROE हासिल किया।
IPO के बाद पहली बार मिले नतीजे:
ये नतीजे Aye Finance के लिए इसलिए भी अहम हैं क्योंकि यह फरवरी 2026 में IPO के जरिए पब्लिक लिस्ट होने के बाद पहला पूरा फाइनेंशियल ईयर है। AUM और मुनाफे में यह जबरदस्त ग्रोथ MSME लेंडिंग के कॉम्पिटिटिव माहौल में कंपनी की रणनीति और एग्जीक्यूशन को साबित करती है।
आगे क्या है चुनौतियाँ?
कंपनी को इंडस्ट्री-व्यापी ओवर-लेंडिंग और मार्केट करेक्शन जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा, पिछले कुछ समय में कर्मचारियों के बीच हायर एट्रिशन रेट और रेगुलेटरी अनुपालन (जैसे BSE द्वारा देरी से फाइनेंशियल डिस्क्लोजर पर जुर्माना) पर भी नज़र रखनी होगी।
