RBI की हरी झंडी
RBI ने 29 अप्रैल, 2026 को सुब्रत मोहंती की होल-टाइम डायरेक्टर (एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर) के तौर पर दोबारा नियुक्ति को अंतिम मंजूरी दे दी है। यह महत्वपूर्ण मंजूरी बैंक के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स द्वारा 27 जनवरी, 2026 को दी गई सहमति के बाद आई है। मोहंती का यह नया कार्यकाल 17 अगस्त, 2026 से शुरू होकर 16 अगस्त, 2029 तक चलेगा।
लीडरशिप में स्थिरता क्यों जरूरी?
बैंकों जैसे बड़े संस्थानों के लिए लीडरशिप में निरंतरता (Leadership Continuity) बहुत महत्वपूर्ण होती है। सुब्रत मोहंती का एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर के तौर पर यह बढ़ा हुआ कार्यकाल Axis Bank की मैनेजमेंट टीम को स्थिरता प्रदान करेगा और बैंक के रणनीतिक लक्ष्यों को हासिल करने में मदद करेगा।
मोहंती की भूमिका और अनुभव
सुब्रत मोहंती अक्टूबर 2020 में Axis Bank से जुड़े थे और उन्हें मई 2023 में एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर बनाया गया था। वर्तमान में वे रिटेल और होलसेल बैंकिंग, आईटी, स्ट्रैटेजी और बिजनेस इंटेलिजेंस जैसे महत्वपूर्ण विभागों को संभाल रहे हैं। Axis Bank में आने से पहले, मोहंती ने Manipal Education & Medical Group और HDFC Life Insurance जैसी कंपनियों में भी महत्वपूर्ण पदों पर काम किया है।
शेयरधारकों की मंजूरी बाकी
हालांकि, RBI की मंजूरी मिल चुकी है, लेकिन सुब्रत मोहंती की दोबारा नियुक्ति अभी शेयरधारकों की अंतिम मंजूरी पर भी निर्भर करती है। यह लिस्टेड कंपनियों के लिए एक सामान्य प्रक्रिया है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि डायरेक्टर्स 'फिट एंड प्रॉपर' मानकों को पूरा करते हैं। अगर शेयरधारक वोटिंग में असहमति होती है, तो बैंक को एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर पद के लिए नया उम्मीदवार खोजना पड़ सकता है।
प्रतिस्पर्धी माहौल
Axis Bank, भारत का तीसरा सबसे बड़ा प्राइवेट सेक्टर बैंक है और इसका मुकाबला HDFC Bank, ICICI Bank और Kotak Mahindra Bank जैसे बड़े बैंकों से है। हाल ही में Axis Bank ने मार्केट कैपिटलाइजेशन के मामले में Kotak Mahindra Bank को पीछे छोड़ा है, जो बैंक की बढ़ती बाजार उपस्थिति को दर्शाता है। हालांकि HDFC Bank और ICICI Bank अभी भी बड़े हैं, Axis Bank मजबूती से प्रतिस्पर्धा कर रहा है, और इसका लोन ग्रोथ हाल ही में HDFC Bank से बेहतर रहा है। इन बड़े बैंकों में लीडरशिप की निरंतरता प्रभावी एग्जीक्यूशन सुनिश्चित करने की एक आम रणनीति रही है।
