Axis Bank का Q4 रिजल्ट: टैक्स की मेहरबानी से भागा मुनाफा, पर साल भर की कमाई पर गिरी गाज
Axis Bank ने अपने Q4 FY26 के नतीजे घोषित कर दिए हैं। इस तिमाही में कंपनी का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट ₹7,071.31 करोड़ रहा, जबकि कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट ₹7,602.63 करोड़ दर्ज किया गया। ये आंकड़े पिछले साल की इसी तिमाही से बेहतर हैं, लेकिन इस बढ़ोतरी के पीछे एक बड़ा कारण है ₹2,193.20 करोड़ की एकमुश्त टैक्स छूट (One-time Tax Benefit)।
सालाना नतीजों का सच
जहां तिमाही नतीजों ने निवेशकों को थोड़ी राहत दी, वहीं पूरे फाइनेंशियल ईयर 2026 (FY26) के नतीजे चिंता बढ़ाने वाले हैं। बैंक का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट पिछले साल के मुकाबले 7.27% गिरकर ₹24,456.66 करोड़ पर आ गया। कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट में भी 5.95% की गिरावट देखी गई, जो ₹26,384.85 करोड़ रहा।
कमाई और प्रोविजन का खेल
बैंक की कमाई (Revenue) में मामूली बढ़ोतरी हुई। Q4 FY26 के लिए स्टैंडअलोन रेवेन्यू 1.91% बढ़कर ₹38,746.64 करोड़ रहा, जबकि कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू 2.96% बढ़कर ₹41,142.69 करोड़ पर पहुंचा। पूरे फाइनेंशियल ईयर FY26 में स्टैंडअलोन रेवेन्यू 3.53% बढ़कर ₹1,53,163.08 करोड़ और कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू 4.04% बढ़कर ₹1,62,211.95 करोड़ दर्ज किया गया। हालांकि, बैंक ने अपनी बैलेंस शीट की मजबूती के लिए ₹2,001 करोड़ का एक बड़ा प्रोविजन (Provision) भी किया है, जिसने रिपोर्टेड मुनाफे को कुछ हद तक कम किया।
Citibank अधिग्रहण और आगे की राह
यह भी ध्यान देने वाली बात है कि Axis Bank ने मार्च 2023 में Citibank के भारतीय कंज्यूमर बिजनेस को ₹11,603 करोड़ में खरीदा था। इस अधिग्रहण की इंटीग्रेशन (Integration) प्रक्रिया अभी भी जारी है, और संभव है कि तिमाही में किए गए प्रोविजन और नतीजों पर इसका असर दिख रहा हो।
अन्य अहम बातें
- शेयरधारकों के लिए ₹1 प्रति शेयर का डिविडेंड (Dividend) घोषित किया गया है।
- बैंक का ग्रॉस एनपीए (Gross NPA) रेशियो सुधरकर 1.23% हो गया है, लेकिन नेट एनपीए (Net NPA) रेशियो बढ़कर 0.37% हो गया है।
रेगुलेटरी चुनौतियां
हाल के महीनों में Axis Bank को रेगुलेटरी बॉडीज से जुर्माने भी लगे हैं। सितंबर 2024 में RBI ने KYC और क्रेडिट फ्लो नॉर्म्स में खामियों के चलते ₹1.91 करोड़ का जुर्माना लगाया। इससे पहले भी बैंक पर नवंबर 2023 और मई 2025 में ग्राहक पहचान, रिकवरी एजेंट मैनेजमेंट और अनधिकृत अकाउंट ऑपरेशन में खामियों के चलते ₹90.92 लाख और ₹29.60 लाख के जुर्माने लग चुके हैं।
अन्य बैंकों से तुलना
Q4 FY26 में Axis Bank का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट ₹7,071 करोड़, HDFC Bank (₹19,221 करोड़) और ICICI Bank (₹13,702 करोड़) से कम रहा। Net Interest Margin (NIM) के मामले में भी Axis Bank का 3.64% (Q3 FY26) ICICI Bank के 4.32% से नीचे था, हालांकि यह HDFC Bank के 3.38% (पोस्ट-मर्जर) से बेहतर था। वैल्यूएशन की बात करें तो बैंक का P/E लगभग 16.1-16.6 है, जो HDFC Bank (16.0-17.8) और ICICI Bank (16.9-18.4) के आसपास ही है।
आगे क्या देखना है?
निवेशकों को अब Citibank इंटीग्रेशन की सफलता, नेट एनपीए ट्रेंड्स, NIM में सुधार की रणनीति और भविष्य में बिना किसी एकमुश्त लाभ के लगातार मुनाफा कमाने की बैंक की क्षमता पर नजर रखनी होगी।
