कैपिटल बढ़ाने की क्या है वजह?
बैंक की इस बड़ी कैपिटल रेज़िंग की योजना का मुख्य मकसद भविष्य में होने वाली ग्रोथ, निवेश और लोन देने की क्षमता को मज़बूत करना है। ₹55,000 करोड़ का यह फंड, बैंक के बैलेंस शीट को और मज़बूत करेगा, जिससे यह आने वाले समय में अपनी वित्तीय स्थिति और विस्तार पर बेहतर ध्यान दे पाएगा।
डिविडेंड का प्रस्ताव
बोर्ड ने शेयरहोल्डर्स को ध्यान में रखते हुए फाइनेंशियल ईयर 2026 (जो 31 मार्च 2026 को समाप्त होगा) के लिए ₹1 प्रति इक्विटी शेयर का फाइनल डिविडेंड घोषित करने का सुझाव दिया है। शेयर का फेस वैल्यू ₹2 है, ऐसे में यह डिविडेंड लगभग 50% बनता है। हालांकि, यह राशि पिछले कुछ सालों के डिविडेंड के बराबर ही है और बहुत बड़ा उछाल नहीं है।
अप्रूवल बाकी
यह दोनों ही महत्वपूर्ण प्रस्ताव - कैपिटल रेज़ और डिविडेंड - अभी शेयरहोल्डर्स की मंजूरी और नियामकों (Regulators) से फाइनल अप्रूवल का इंतज़ार कर रहे हैं। आगामी एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में शेयरहोल्डर्स इन पर वोट करेंगे, जिसके बाद नियामक संस्थाओं से भी क्लीयरेंस लेनी होगी।
ऐतिहासिक आंकड़े और तुलना
Axis Bank ने पहले भी ग्रोथ और रेगुलेटरी ज़रूरतों को पूरा करने के लिए कैपिटल जुटाई है। अगस्त 2020 में बैंक ने ₹10,000 करोड़ QIP (Qualified Institutions Placement) के जरिए जुटाए थे। डिविडेंड की बात करें तो बैंक ने पिछले कई फाइनेंशियल इयर्स (जैसे FY2023-2024, FY2024-2025) में ₹1 प्रति शेयर का डिविडेंड ही दिया है, जो कुछ प्रतिस्पर्धियों की तुलना में कम है जो ज़्यादा डिविडेंड देते हैं। HDFC Bank और ICICI Bank जैसी बैंक भी कैपिटल बढ़ाने के लिए डेट और इक्विटी का सहारा लेती हैं, लेकिन उनकी डिविडेंड पॉलिसी ज़्यादातर अधिक मुनाफे को दर्शाती है।
अहम वित्तीय आंकड़े
31 मार्च 2025 तक, Axis Bank का कैपिटल एडिक्वेसी रेशियो (CAR) 17.1% था, जो रेगुलेटरी ज़रूरतों से काफी ऊपर है। वहीं, बैंक का डेट-टू-इक्विटी रेशियो FY25 में घटकर 7.48x हो गया, जो बेहतर लीवरेज मैनेजमेंट को दिखाता है।
आगे क्या?
अब सभी की निगाहें आगामी AGM पर होंगी, जहाँ शेयरहोल्डर्स डिविडेंड और फंड जुटाने के प्रस्तावों पर वोट देंगे। इसके बाद ज़रूरी नियामक अनुमतियां मिलने पर Axis Bank भविष्य की ग्रोथ के लिए और मज़बूत होगा।
