इंफ्रा सेक्टर में Avonmore की नई ताकत
Avonmore Capital ने अपनी इंफ्रास्ट्रक्चर कंसल्टेंसी सेवाओं को और मजबूत करने के लिए EGE Consultant का 100% अधिग्रहण कर लिया है। शेयर परचेज एग्रीमेंट (Share Purchase Agreement) की सभी शर्तों को पूरा करने के बाद यह डील फाइनल हो गई है।
क्या होगा इस अधिग्रहण से?
EGE Consultant, जो कि जियो-इंजीनियरिंग (Geo-Engineering) के क्षेत्र में माहिर है, अब Avonmore Capital के पोर्टफोलियो का हिस्सा बन गई है। इस इंटीग्रेशन से Avonmore की कंसल्टिंग सेवाओं का दायरा बढ़ेगा और कंपनी को इंफ्रास्ट्रक्चर व जियो-इंजीनियरिंग प्रोजेक्ट्स में नए अवसर तलाशने में मदद मिलेगी। Avonmore Capital का लक्ष्य EGE Consultant की विशेषज्ञता और ग्राहक आधार का फायदा उठाकर ग्रोथ को रफ्तार देना है।
Avonmore की ग्रोथ स्ट्रैटेजी और EGE का बैकग्राउंड
Avonmore Capital, जो एक डायवर्सिफाइड नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC) है, एक्वीजिशन (Acquisition) के जरिए अपनी ग्रोथ की रणनीति पर चल रही है। कंपनी डेट (Debt) और इक्विटी (Equity) मार्केट, कंसल्टेंसी, वेल्थ मैनेजमेंट (Wealth Management) और हेल्थकेयर जैसे क्षेत्रों में सक्रिय है। EGE Consultant की स्थापना 2015 में हुई थी और यह जियो-टेक्निकल इंजीनियरिंग और कंसल्टेंसी सेवाएं प्रदान करती है। रिपोर्ट के मुताबिक, इस डील की कीमत ₹1 करोड़ (INR 10 million) तय हुई थी। खास बात यह है कि दोनों कंपनियों में एक कॉमन डायरेक्टर, मिस्टर अमिताभ शरण (Mr. Amitabh Sharan) हैं, और यह ट्रांजैक्शन आर्म्स लेंथ बेसिस (arm's length basis) पर हुई है।
आगे क्या उम्मीदें?
EGE Consultant का Avonmore Capital के ग्रुप में पूरी तरह से इंटीग्रेशन हो चुका है। इससे इंफ्रास्ट्रक्चर और जियो-इंजीनियरिंग कंसल्टेंसी में Avonmore की क्षमताएं बढ़ेंगी, जिससे शेयरधारकों के लिए नए रेवेन्यू स्ट्रीम (revenue streams) और क्रॉस-सेलिंग (cross-selling) के मौके पैदा हो सकते हैं। निवेशक अब EGE Consultant के फाइनेंशियल कंट्रीब्यूशन, इंटीग्रेशन की प्रगति और Avonmore Capital की भविष्य की रणनीतियों पर नजर रखेंगे।
