SEBI के एक मास्टर सर्कुलर, जिसकी तारीख 6 फरवरी, 2026 है, के अनुसार, 1 अप्रैल, 2024 से सभी भुगतान इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से होने अनिवार्य हैं। इसी के चलते, Available Finance Ltd. ने अपने उन शेयरधारकों को KYC (Know Your Customer) की जानकारी अपडेट करने के लिए पत्र भेजना शुरू कर दिया है, जिनके पास फिजिकल सिक्योरिटीज (physical securities) हैं।
यह प्रक्रिया कंपनी के रजिस्ट्रार और शेयर ट्रांसफर एजेंट (RTA), M/s Ankit Consultancy Pvt. Ltd. द्वारा संभाली जा रही है। जिन शेयरधारकों को ये पत्र मिले हैं, उन्हें जल्द से जल्द अपना PAN (Permanent Account Number), बैंक अकाउंट की जानकारी और नॉमिनेशन डिटेल्स (nomination details) RTA को सौंपनी होंगी।
SEBI लगातार निवेशकों की सुरक्षा बढ़ाने, धोखाधड़ी रोकने और कॉर्पोरेट एक्शन्स (corporate actions) को सुव्यवस्थित करने के लिए KYC को अनिवार्य बना रहा है। रेगुलेटर (Regulator) का जोर फिजिकल शेयरों को डीमैट (dematerialise) कराने और निवेशक डेटा को डिजिटल बनाने पर है। पहले के सर्कुलर (circulars) में भी डिटेल्स अपडेट करने की समय-सीमा तय की गई थी, जिसके न होने पर फोलियो फ्रीज (folio freeze) होने या सर्विस रिक्वेस्ट्स (service requests) पर रोक जैसी कार्रवाई हो सकती है।
अगर शेयरधारक मांगी गई KYC जानकारी जमा नहीं करते हैं, तो उनके फोलियो फ्रीज (folio freeze) किए जा सकते हैं। ऐसे में, वे RTA द्वारा संभाले जाने वाले किसी भी ग्रीवेंस (grievance) को दर्ज नहीं करा पाएंगे या किसी भी सर्विस रिक्वेस्ट (service request) का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे। इसके अलावा, भविष्य में कोई भी भुगतान, जैसे डिविडेंड (dividend) या रिडेम्प्शन (redemption) की राशि, केवल इलेक्ट्रॉनिक रूप से ही तभी मिल पाएगा जब वे नियमों का पालन करेंगे।
Available Finance NBFC सेक्टर में काम करती है, जहाँ Bajaj Finance, Shriram Finance और Power Finance Corporation जैसी बड़ी कंपनियाँ भी शामिल हैं। हालाँकि बड़ी कंपनियों में फिजिकल शेयरहोल्डिंग (physical shareholding) का काम काफी हद तक कम हो गया है, फिर भी जो कंपनियाँ फिजिकल शेयर रजिस्टर (physical share register) का प्रबंधन कर रही हैं, उनके लिए KYC कंप्लायंस (compliance) एक आम चुनौती बनी हुई है।
