स्टैंडअलोन नतीजों में दमदार परफॉरमेंस, कंसोलिडेटेड में गिरावट
कंपनी के स्टैंडअलोन रेवेन्यू (Standalone Revenue) में भी अच्छी बढ़त देखी गई, जो पिछले फाइनेंशियल ईयर 2025 के ₹90.82 करोड़ से बढ़कर फाइनेंशियल ईयर 2026 में ₹95.09 करोड़ हो गया। इसी का असर रहा कि स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट ₹42.36 करोड़ से बढ़कर ₹45.27 करोड़ दर्ज किया गया।
हालांकि, ग्रुप के कंसोलिडेटेड (Consolidated) नतीजों में तस्वीर थोड़ी मिली-जुली है। कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 9.27% बढ़कर ₹254.09 करोड़ पर पहुंच गया, लेकिन कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट पिछले साल के ₹75.70 करोड़ से घटकर ₹59.30 करोड़ पर आ गया।
बड़ा एक्विजिशन और ऑडिटर बदलाव
एक बड़े डेवलपमेंट में, कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने ग्रुप की एक और फर्म, Ashika Capital Limited को ₹22 करोड़ तक के कैश कंसीडरेशन में एक्वायर (Acquire) करने की मंजूरी दे दी है। इस डील के 30 सितंबर 2026 तक पूरा होने की उम्मीद है। इसके अलावा, Ashika Stock Services Limited को एक मैटेरियल व्होली-ओन्ड सब्सिडियरी (Material Wholly-Owned Subsidiary) के तौर पर फॉर्मलाइज किया गया है।
कॉर्पोरेट गवर्नेंस (Corporate Governance) के लिहाज से एक अहम खबर यह है कि कंपनी के स्टेटुटरी ऑडिटर्स (Statutory Auditors), DHC & Co. ने रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के नए नियमों के चलते इस्तीफा दे दिया है। इनकी जगह J K VS & Co. को नया ऑडिटर नियुक्त किया गया है।
डिविडेंड की घोषणा
बोर्ड ने शेयरधारकों की मंजूरी के अधीन, प्रति इक्विटी शेयर Re 0.50 का फाइनल डिविडेंड (Final Dividend) भी रेकमेंड किया है।
स्टैंडअलोन और कंसोलिडेटेड नतीजों के बीच का यह अंतर कंपनी के अलग-अलग बिजनेस सेगमेंट के परफॉरमेंस को दिखाता है। निवेशकों की नजर अब एक्वायर की गई फर्म के इंटीग्रेशन प्रोसेस और नए ऑडिटर्स के तहत कंपनी के परफॉरमेंस पर रहेगी।