Ashika Credit Capital ने एक जरूरी सूचना जारी की है। कंपनी FY 2018-19 के उन डिविडेंड (Dividend) से जुड़े इक्विटी शेयरों को इन्वेस्टर एजुकेशन एंड प्रोटेक्शन फंड (IEPF) में ट्रांसफर करने जा रही है, जिनका भुगतान अभी तक नहीं हुआ है। शेयरधारकों के पास अपने डिविडेंड और शेयर पर मालिकाना हक बनाए रखने के लिए 13 सितंबर 2026 तक का समय है। यह एक रेगुलेटरी (Regulatory) आवश्यकता है, जब डिविडेंड सात साल तक अनक्लेम्ड रहता है।
इस नोटिस के अनुसार, FY 2018-19 से शुरू होकर लगातार सात साल या उससे अधिक समय तक अनक्लेम्ड रहे डिविडेंड से जुड़े शेयर IEPF को ट्रांसफर कर दिए जाएंगे। इन शेयरों से मिलने वाले सभी कॉर्पोरेट बेनिफिट्स (Corporate Benefits), जैसे कि भविष्य के डिविडेंड या बोनस इश्यू (Bonus Issue), भी IEPF अथॉरिटी को ही मिलेंगे। इसके अलावा, इन शेयरों से जुड़े वोटिंग राइट्स (Voting Rights) तब तक सस्पेंड रहेंगे जब तक असली मालिक उन्हें क्लेम नहीं कर लेते।
Ashika Credit Capital के शेयरधारकों के लिए 13 सितंबर 2026 की डेडलाइन का पालन करना बेहद जरूरी है। यदि इस तारीख तक कार्रवाई नहीं की जाती है, तो मालिकाना हक का स्थायी नुकसान होगा। इस तारीख के बाद IEPF में ट्रांसफर किए गए शेयरों के लिए कंपनी किसी भी तरह के भविष्य के बेनिफिट्स का भुगतान नहीं करेगी और न ही ऐसे शेयरों के लिए कोई क्लेम स्वीकार किया जाएगा।
Ashika Credit Capital Limited, 1994 में स्थापित एक NBFC है जो लेंडिंग (Lending) और इन्वेस्टमेंट बैंकिंग (Investment Banking) सहित कई वित्तीय सेवाएं प्रदान करती है। डिविडेंड के अनक्लेम्ड रहने पर शेयरों को IEPF में ट्रांसफर करना भारत में एक सामान्य रेगुलेटरी प्रक्रिया है। यह नियम कंपनियों को यह सुनिश्चित करने के लिए बाध्य करता है कि उन शेयरों की सुरक्षा हो सके जिनके मालिक उन्हें क्लेम नहीं कर रहे हैं।
जिन शेयरधारकों के FY 2018-19 के डिविडेंड अनक्लेम्ड हैं, उन्हें सलाह दी जाती है कि वे तुरंत क्लेम प्रक्रिया शुरू करें। अपना मालिकाना हक बनाए रखने के लिए, उन्हें 13 सितंबर 2026 की डेडलाइन से काफी पहले Ashika Credit Capital या उसके रजिस्ट्रार एंड ट्रांसफर एजेंट (RTA) के पास सभी जरूरी क्लेम फॉर्म और दस्तावेज जमा करने होंगे। कंपनी के संचार पर ध्यान देना उचित होगा।
कार्रवाई न करने का सबसे बड़ा नतीजा शेयरधारकों के लिए अपने शेयर और उनसे जुड़े सभी लाभों को स्थायी रूप से खोना होगा। 13 सितंबर 2026 के बाद एक बार शेयर IEPF में ट्रांसफर हो गए, तो कंपनी उनकी देनदार नहीं रहेगी। उस समय के बाद मालिकाना हक वापस पाना बहुत मुश्किल, या शायद असंभव हो जाएगा।
