फंड जुटाने का तरीका और उद्देश्य
यह नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC) ₹407 करोड़ की राशि कई सीरीज में प्राइवेटली प्लेस्ड डेट सिक्योरिटीज के ज़रिए जुटाएगी, जिसमें ₹125 करोड़ की एक सिंगल इश्यू भी शामिल है। SEBI के नियमों के तहत हुई इस फंडिंग में विभिन्न कूपन रेट्स 10.90% से लेकर 11.65% तक की पांच सीरीज हैं। एक खास सीरीज (SRN 1) के कूपन रेट को 11.40% से बढ़ाकर 11.65% किया गया है, जो सितंबर 2025 से लागू होगा।
यह कैपिटल Arman Financial के लिए बेहद ज़रूरी है ताकि वह अपने माइक्रोफाइनेंस, टू-व्हीलर फाइनेंस, MSME लोंस और लोन अगेंस्ट प्रॉपर्टी (LAP) जैसी विभिन्न लेंडिंग एक्टिविटीज़ को फाइनेंस कर सके। कंपनी उन लोगों के एक बड़े वर्ग को सेवाएं देती है, जिन्हें औपचारिक क्रेडिट की पहुँच कम है या बिलकुल नहीं है। यह फंड जुटाने से कंपनी को अपना फाइनेंशियल लीवरेज मैनेज करने और ग्रोथ प्लान्स को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।
इंडस्ट्री की चुनौतियां और परफॉर्मेंस
हालांकि, यह फंड जुटाना कंपनी के लिए राहत की बात है, लेकिन Arman Financial इंडस्ट्री के मौजूदा दबावों से भी जूझ रही है। कंपनी को बढ़ी हुई बॉरोइंग कॉस्ट (कर्ज लेने की लागत) का सामना करना पड़ रहा है, जिससे उसकी प्रॉफिटेबिलिटी और एसेट क्वालिटी पर असर पड़ रहा है। हाल की रिपोर्ट्स के अनुसार, कंपनी घटती प्रॉफि़टेबिलिटी, बढ़ते क्रेडिट कॉस्ट और खराब होती एसेट क्वालिटी से परेशान है। इन चुनौतियों के चलते ही Acuite ने सितंबर 2025 में कंपनी की रेटिंग्स को डाउनग्रेड कर दिया था और बाद में वापस ले लिया था। एनालिस्ट्स ने कंपनी के कम इंटरेस्ट कवरेज रेश्यो और कर्ज की ऊंची लागत पर भी चिंता जताई है।
पिछले फाइनेंशियल ईयर 2025 में, ग्रुप ने अपने ऑपरेशन्स को गति देने के लिए ₹601.10 करोड़ का नया कर्ज उठाया था। 31 मार्च 2025 तक, कंपनी का कंसॉलिडेटेड AUM (एसेट्स अंडर मैनेजमेंट) 15% घटकर ₹2,245 करोड़ रह गया था। वहीं, स्टैंडअलोन बेस पर Arman Financial Services का AUM 25% बढ़कर ₹446 करोड़ से ₹560 करोड़ हो गया था।
