Aptus Value Housing Finance: FY26 में ₹261 करोड़ का मुनाफा, ₹3,000 करोड़ के NCDs को मंजूरी
Aptus Value Housing Finance India Ltd ने अपने वित्तीय वर्ष 2026 (FY26) के ऑडिटेड नतीजों का ऐलान कर दिया है। कंपनी ने इस दौरान ₹574.34 करोड़ का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू (Consolidated Revenue) और ₹260.95 करोड़ का शानदार नेट प्रॉफिट (Net Profit) दर्ज किया है।
बोर्ड ने क्या फैसले लिए?
कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने 6 मई, 2026 को हुई बैठक में FY26 के वित्तीय नतीजों को मंजूरी दी। नतीजों के मुताबिक, कंसोलिडेटेड रेवेन्यू ₹57,433.70 लाख यानी ₹574.34 करोड़ रहा। वहीं, नेट प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) ₹26,095.49 लाख यानी ₹260.95 करोड़ दर्ज किया गया।
इसके अलावा, बोर्ड ने FY26 के लिए ₹2.50 प्रति इक्विटी शेयर के दूसरे अंतरिम डिविडेंड (Second Interim Dividend) को भी मंजूरी दे दी है।
भविष्य की ग्रोथ के लिए बड़ा कदम
सबसे बड़ी घोषणा कंपनी ने फंड जुटाने को लेकर की है। बोर्ड ने ₹3,000 करोड़ तक के नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (NCDs) को प्राइवेट प्लेसमेंट (Private Placement) के जरिए जारी करने की मंजूरी दे दी है। यह कदम कंपनी की भविष्य की विस्तार योजनाओं, लोन बुक को बढ़ाने और अपनी वित्तीय स्थिति को और मजबूत करने के इरादे को दर्शाता है।
स्टैंडअलोन (Standalone) नतीजों पर नजर डालें तो FY26 में ₹377.85 करोड़ का रेवेन्यू और ₹176.47 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज हुआ।
निवेशकों और कंपनी के लिए महत्व
ऑडिटेड नतीजों से Aptus Value Housing की वित्तीय सेहत का साफ चित्र सामने आता है। ₹3,000 करोड़ के NCDs जारी करने का फैसला यह बताता है कि कंपनी भविष्य में बड़े पैमाने पर पूंजी जुटाने के लिए तैयार है, जो उसकी विकास की गति को तेज कर सकती है।
अंतरिम डिविडेंड का ऐलान शेयरधारकों (Shareholders) के प्रति मैनेजमेंट की प्रतिबद्धता को दिखाता है, जो निवेशकों को मुनाफे में हिस्सेदारी देता है।
कंपनी का बैकग्राउंड और कैपिटल स्ट्रैटेजी
Aptus Value Housing India, भारत के अफोर्डेबल हाउसिंग फाइनेंस (Affordable Housing Finance) सेक्टर में एक अहम खिलाड़ी है। कंपनी मुख्य रूप से टियर II और टियर III शहरों के साथ-साथ ग्रामीण इलाकों में सेल्फ-एम्प्लॉयड ग्राहकों को होम लोन (Home Loan) मुहैया कराने पर ध्यान केंद्रित करती है।
कंपनी का ट्रैक रिकॉर्ड मजबूत रहा है, जिसने FY23 में ₹750 करोड़ और FY24 में ₹1,500 करोड़ के NCDs सफलतापूर्वक जारी कर अपनी लोन पोर्टफोलियो (Loan Portfolio) और बिजनेस को बढ़ाया है।
जोखिम और प्रतिस्पर्धी
एक NBFC के तौर पर, Aptus Value Housing फाइनेंसियल सेक्टर के ब्याज दर में उतार-चढ़ाव और रेगुलेटरी बदलावों के प्रति संवेदनशील हो सकती है। यह कंपनी के कॉस्ट ऑफ फंड्स (Cost of Funds) और लेंडिंग मार्जिन (Lending Margins) को प्रभावित कर सकता है।
इस सेगमेंट में कंपनी के प्रतिस्पर्धियों में Home First Finance Company India Ltd और Aavas Financiers Ltd जैसी कंपनियां शामिल हैं।
आगे क्या?
निवेशक अब ₹3,000 करोड़ के NCD इश्यू की टाइमलाइन और शर्तों पर बारीकी से नजर रखेंगे, साथ ही यह भी देखेंगे कि इस पूंजी का इस्तेमाल कैसे किया जाता है। कंपनी की आगामी तिमाहियों में ग्रोथ और प्रॉफिटेबिलिटी बनाए रखने की क्षमता निवेशकों के लिए मुख्य फोकस रहेगी।
