Aptus Value Housing Finance: FY26 में शानदार ग्रोथ
Aptus Value Housing Finance India Ltd (AVHFL) ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर के लिए ज़बरदस्त नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड प्रॉफिट पिछले साल के मुकाबले 25.52% बढ़कर ₹943 करोड़ (₹94,294.39 लाख) हो गया। यह ग्रोथ कंपनी की कंसोलिडेटेड टोटल इनकम में 24.86% की शानदार बढ़ोतरी के चलते संभव हुई, जो पूरे साल ₹2,245 करोड़ (₹2,24,548.18 लाख) रही।
चौथी तिमाही (Q4 FY26) का प्रदर्शन
कंपनी ने FY26 की चौथी तिमाही में भी अपनी मजबूत पकड़ बनाए रखी। इस तिमाही में कंसोलिडेटेड टोटल इनकम 18.80% बढ़कर ₹593 करोड़ (₹59,311.88 लाख) रही। वहीं, चौथी तिमाही में कंसोलिडेटेड प्रॉफिट ₹261 करोड़ (₹26,095.49 लाख) दर्ज किया गया।
ग्रोथ स्ट्रेटेजी और विस्तार की योजना
AVHFL की सफलता टियर II और टियर III शहरों में किफायती हाउसिंग फाइनेंस सेक्टर में निरंतर ग्रोथ को दर्शाती है। कंपनी का मुख्य फोकस कम और मध्यम आय वर्ग के ग्राहकों को सेवा देना है। इस विस्तार को सहारा देने के लिए, कंपनी ने मई 2024 में ₹3,000 करोड़ नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (NCDs) के जरिए जुटाने की घोषणा की है, ताकि बिजनेस ग्रोथ को और बढ़ावा दिया जा सके।
शेयरधारकों को डिविडेंड और कैपिटल प्लान
अपनी मजबूत प्रॉफिटेबिलिटी को देखते हुए, AVHFL अपने शेयरधारकों को ₹2.50 प्रति शेयर का डिविडेंड देगी। ₹3,000 करोड़ के NCD इश्यू से कंपनी की कैपिटल बेस मजबूत होगी, जिससे भविष्य में और ज्यादा लोन दिए जा सकेंगे और मार्केट में विस्तार किया जा सकेगा। कंपनी का ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट (GNPA) रेशियो 1.29% पर बना हुआ है, जो कि ग्रोथ के बावजूद बेहतर एसेट क्वालिटी को दर्शाता है।
प्रतिस्पर्धी माहौल
Aptus Value Housing Finance, Home First Finance Company India Ltd, Aavas Financiers Ltd, IIFL Finance Ltd, और Repco Home Finance Ltd जैसी कंपनियों के साथ एक प्रतिस्पर्धी बाजार में काम करती है। AVHFL का 1.29% का FY26 GNPA, Home First Finance Company (1.29%) और Aavas Financiers (1.26%) के समान है।
आगे की राह और जोखिम
निवेशकों को कंपनी के बढ़ते कर्ज पर नज़र रखनी चाहिए, क्योंकि कुल कंसोलिडेटेड बोरिंग्स ₹6,539 करोड़ (₹6,53,913.44 लाख) तक पहुंच गई है, जो पिछले साल ₹5,555 करोड़ (₹5,55,454.79 लाख) थी। साथ ही, कुल कंसोलिडेटेड सालाना खर्च भी ₹1,034 करोड़ (₹1,03,432.57 लाख) से बढ़कर ₹824 करोड़ (₹82,356.30 लाख) हो गया है, जो प्रॉफिट मार्जिन को प्रभावित कर सकता है। ₹3,000 करोड़ के NCD इश्यू का सफल कार्यान्वयन और कैपिटल स्ट्रक्चर पर इसका असर, साथ ही कर्ज की लागत और खर्च प्रबंधन पर नज़र रखना महत्वपूर्ण होगा।
