'Apollo Cash' ऐप से डिजिटल लेंडिंग पर फोकस
Apollo Finvest India Ltd ने अपने Q4 FY26 नतीजों के दौरान अपनी नई रणनीति का खुलासा किया है, जिसके तहत कंपनी अब अपने प्रमुख डिजिटल उत्पाद, 'Apollo Cash' ऐप पर पूरी तरह से ध्यान केंद्रित कर रही है। पहले जहां कंपनी प्रॉपर्टी-बैकड लोन और बिज़नेस लोन जैसे पारंपरिक कर्ज देती थी, वहीं अब डिजिटल रिटेल लेंडिंग इसका नया केंद्र बिंदु है।
ऐप की दमदार परफॉरमेंस
'Apollo Cash' ऐप को जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला है। लॉन्च के शुरुआती महीनों में ही इसके 100,000 से ज़्यादा डाउनलोड हो चुके हैं और ₹5 करोड़ से ज़्यादा का लोन बांटा जा चुका है। यह ग्रोथ पूरी तरह से ऑर्गेनिक (organic) है, यानी इसके लिए किसी बाहरी प्रचार की ज़रूरत नहीं पड़ी। कंपनी का लक्ष्य अगले 12-24 महीनों में 'Apollo Cash' को अपने कुल लोन बुक का 50-60% बनाना है।
डेटा-साइंस पर आधारित अंडरराइटिंग
Apollo Finvest इस नए बिजनेस मॉडल में डेटा-साइंस (Data-Science) का भरपूर इस्तेमाल कर रही है। कंपनी फोन डेटा से प्राप्त 10,000 से ज़्यादा वेरिएबल (variables) का विश्लेषण करके लोन देने का फैसला करती है। यह तरीका उन ग्राहकों तक पहुंचने में मदद करता है, जिन्हें पारंपरिक तरीके से लोन मिलना मुश्किल होता है।
'भारत' के मार्केट को टारगेट
इस डिजिटल पुश के ज़रिए, Apollo Finvest 'भारत' (underserved 'Bharat' market) के उन ग्राहकों तक पहुंचना चाहती है, जिन्हें आधुनिक तकनीक के ज़रिए वित्तीय सेवाएं प्रदान की जा सकें। कंपनी के मुताबिक, इस क्षेत्र में पारंपरिक तरीके ज़्यादा प्रभावी नहीं हैं, और उनका नया तरीका एक मजबूत कॉम्पिटिटिव एज (competitive advantage) दे सकता है।
बढ़ते रिस्क को लेकर सतर्कता
हालांकि, कंपनी के लीडर्स इस बात से भी वाकिफ हैं कि रिटेल लेंडिंग के इस सेगमेंट के बढ़ने के साथ लोन डिफॉल्ट (loan defaults) का खतरा भी बढ़ेगा। कंपनी के CFO ने कहा है कि मौजूदा समय में लोन डिफॉल्ट चार्ज कम दिख रहे हैं, लेकिन रिटेल लोन पोर्टफोलियो के विस्तार के साथ इनमें वृद्धि की संभावना है। कंपनी के पास पहले से ही कम डेट-टू-इक्विटी रेशियो (low debt-to-equity ratio) है, इसलिए फिलहाल बाहरी फंड जुटाने की कोई ज़रूरत नहीं दिख रही है।
तुलना और भविष्य की राह
डिजिटल लेंडिंग स्पेस में Bajaj Finance जैसी बड़ी कंपनियां पहले से मौजूद हैं। वहीं, Five-Star Business Finance जैसी कंपनियां भी इसी सेगमेंट में काम कर रही हैं। Apollo Cash ऐप की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि वह अपने डेटा-साइंस मॉडल और टारगेट ऑडियंस के ज़रिए इन बड़े खिलाड़ियों को कैसे टक्कर देती है।
मुख्य आंकड़े और लक्ष्य:
- Q4 FY26 तक रिटेल लोन बुक कुल AUM का 51% हो गया।
- FY27 के लिए Apollo Cash से ₹50-60 करोड़ के डिस्पर्सल (disbursements) का लक्ष्य।
- FY27 में Apollo Cash से ₹10-15 करोड़ AUM का अनुमान।
- Q4 FY26 के 12-24 महीनों में Apollo Cash का लोन बुक का 50-60% हिस्सा बनने की उम्मीद।