Apollo Finvest FY26 Results: निवेशकों को तगड़ा झटका! कंपनी का रेवेन्यू **29%** गिरा, मुनाफे में भी आई भारी गिरावट

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Apollo Finvest FY26 Results: निवेशकों को तगड़ा झटका! कंपनी का रेवेन्यू **29%** गिरा, मुनाफे में भी आई भारी गिरावट
Overview

Apollo Finvest India Ltd के निवेशकों के लिए अच्छी खबर नहीं है। कंपनी ने वित्त वर्ष 2026 (FY26) के लिए अपने ऑडिटेड नतीजे जारी किए हैं, जिनमें रेवेन्यू (Revenue) और मुनाफा (Profit) दोनों में साल-दर-साल (Year-on-Year) बड़ी गिरावट दर्ज की गई है।

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FY26 के फाइनेंशियल परफॉरमेंस पर एक नज़र

Apollo Finvest India Ltd ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष के लिए अपने नतीजों का ऐलान किया है। कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू ₹2,124.60 लाख यानी ₹21.25 करोड़ रहा, जो कि FY25 के ₹3,026.23 लाख यानी ₹30.26 करोड़ की तुलना में काफी कम है। यह 29% की बड़ी गिरावट दर्शाता है। पूरे वित्तीय वर्ष के लिए नेट प्रॉफिट (Profit After Tax) ₹695.49 लाख यानी ₹6.95 करोड़ रहा, जो पिछले वित्तीय वर्ष के ₹721.57 लाख के मुकाबले थोड़ा कम है।

चौथी तिमाही (Q4 FY26) में मिले-जुले संकेत

वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही के नतीजे मिले-जुले रहे। इस तिमाही में नेट प्रॉफिट बढ़कर ₹106.98 लाख (₹1.07 करोड़) हो गया, जो पिछले साल की समान अवधि में ₹104.13 लाख (₹1.04 करोड़) था। हालांकि, पिछली तिमाही (Q3 FY26) के ₹183.16 लाख (₹1.83 करोड़) से यह आंकड़ा कम है।

गवर्नेंस और लीडरशिप से जुड़े अपडेट

वित्तीय नतीजों के साथ, बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने अगले वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए श्री अमेय चौबाल की Internal Auditor के तौर पर नियुक्ति को मंजूरी दे दी है। इसके अलावा, श्री आकाश सक्सेना की नॉन-एग्जीक्यूटिव और इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के तौर पर दूसरे टर्म के लिए नियुक्ति को शेयरधारकों की मंजूरी का इंतजार है, जो 29 जून, 2031 तक चलेगा। कंपनी ने यह भी कन्फर्म किया है कि वह 31 मार्च, 2026 तक 'नॉन-लार्ज कॉर्पोरेट' श्रेणी में आती है।

नतीजों का विश्लेषण

FY26 में रेवेन्यू और प्रॉफिट में आई यह गिरावट Apollo Finvest की ग्रोथ स्ट्रैटेजी और ऑपरेशनल एफिशिएंसी पर सवाल उठाती है। Q4 में साल-दर-साल थोड़ा सुधार एक सकारात्मक संकेत है, लेकिन पिछली तिमाही के मुकाबले गिरावट जारी शॉर्ट-टर्म बिजनेस प्रेशर की ओर इशारा करती है।

कंपनी प्रोफाइल और इंडस्ट्री का संदर्भ

Apollo Finvest एक नॉन-बैंकिंग फाइनेंसियल कंपनी (NBFC) है जो भारत में फाइनेंसिंग और इन्वेस्टमेंट एक्टिविटीज में काम करती है। यह सेक्टर बेहद कॉम्पिटिटिव है और लगातार रेगुलेटरी बदलावों के अधीन रहता है। Shriram Finance और Cholamandalam Investment and Finance Company जैसी कंपनियाँ भी इसी तरह की चुनौतियों का सामना करती हैं, और उनका प्रदर्शन अक्सर व्हीकल फाइनेंस और MSMEs को लोन जैसे सेगमेंट से जुड़ा होता है।

आगे क्या देखें?

निवेशकों को श्री सक्सेना की नियुक्ति को लेकर होने वाली शेयरधारकों की मीटिंग पर नजर रखनी चाहिए। साथ ही, मैनेजमेंट से FY26 के प्रदर्शन में आई गिरावट के कारणों और भविष्य की ग्रोथ योजनाओं पर स्पष्टीकरण का इंतजार रहेगा। Q1 FY27 के नतीजों से यह समझने में मदद मिलेगी कि रेवेन्यू और प्रॉफिट के ट्रेंड स्थिर हो रहे हैं या उनमें रिकवरी आ रही है। NBFCs को प्रभावित करने वाले किसी भी रेगुलेटरी बदलाव पर भी नज़र रखना महत्वपूर्ण होगा।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.