Angel One लिमिटेड के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए अपने दूसरे अंतरिम डिविडेंड की घोषणा कर दी है। कंपनी प्रति इक्विटी शेयर ₹1.75 का डिविडेंड देगी, जिसका फेस वैल्यू ₹1 है। जिन शेयरधारकों का नाम 27 मार्च 2026 को रिकॉर्ड बुक में होगा, उन्हें 18 अप्रैल 2026 तक यह भुगतान कर दिया जाएगा।
यह डिविडेंड Angel One के शेयरधारकों को सीधा कैश रिटर्न देता है, जो कंपनी के मजबूत फाइनेंशियल हेल्थ और अपने ऑपरेशंस में भरोसे को दर्शाता है। यह निवेशकों को स्टॉक की संभावित प्राइस ग्रोथ के साथ-साथ एक अच्छा रिटर्न भी प्रदान करता है। लगातार डिविडेंड का भुगतान उन निवेशकों के लिए स्टॉक को और भी आकर्षक बनाता है जो नियमित आय की तलाश में रहते हैं।
Angel One, जिसे पहले Angel Broking के नाम से जाना जाता था, लाखों भारतीय रिटेल निवेशकों के लिए एक अग्रणी फाइनेंशियल सर्विसेज प्रोवाइडर है। कंपनी छोटे शहरों से भी क्लाइंट्स को आकर्षित करने के लिए डिजिटल मॉडल का इस्तेमाल करती है और स्टॉक ब्रोकिंग के अलावा मार्जिन फाइनेंसिंग, वेल्थ मैनेजमेंट और इंश्योरेंस डिस्ट्रीब्यूशन जैसी सेवाओं का विस्तार किया है।
कंपनी का डिविडेंड भुगतान का एक लंबा इतिहास रहा है। पिछले 12 महीनों में, Angel One ने प्रति शेयर कुल ₹60.00 का भुगतान किया है। इसमें फाइनेंशियल ईयर 25 के दौरान ₹26 का फाइनल डिविडेंड और ₹23 का अंतरिम डिविडेंड शामिल था, जो शेयरधारकों को लगातार रिटर्न देने की कंपनी की रणनीति को दिखाता है।
हालांकि, निवेशकों को इंडस्ट्री से जुड़े जोखिमों पर भी ध्यान देना चाहिए, जैसे कि स्टॉक ब्रोकिंग सेक्टर की साइक्लिकल नेचर, मार्केट की अस्थिरता और रेगुलेटरी बदलाव। Angel One ने हाल ही में ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म इंटीग्रेशन और डिस्क्लोजर लैप्स से जुड़े SEBI के मामलों का निपटारा किया है, हालांकि कंपनी का कहना है कि इसका बिजनेस पर कोई खास असर नहीं पड़ेगा। भविष्य में डिविडेंड का भुगतान कंपनी के लगातार फाइनेंशियल परफॉर्मेंस और कैश फ्लो पर निर्भर करेगा, जो मार्केट की मौजूदा स्थितियों से जुड़ा है। यह ध्यान देने योग्य है कि ₹1.75 का यह डिविडेंड पिछली भुगतान राशि से कम है।
Angel One का मुकाबला Motilal Oswal Financial Services और ICICI Securities जैसी कंपनियों से है। जबकि कई ब्रोकर्स डिविडेंड देते हैं, Angel One का लगातार भुगतान का इतिहास और क्लाइंट एक्विजिशन व डिजिटल सेवाओं पर फोकस इसे शेयरधारक रिटर्न की रणनीति में अलग बनाता है।
