Angel One Ltd ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए वितीय वर्ष के लिए अपने ऑडिट किए गए वित्तीय नतीजे जारी किए हैं। कंपनी ने ₹915.10 करोड़ का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट दर्ज किया, जो वितीय वर्ष 2025 (FY2025) में दर्ज ₹1,172.08 करोड़ की तुलना में 22% कम है। इसी अवधि में, कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू भी मामूली रूप से घटकर ₹5,152.23 करोड़ हो गया, जो पिछले वितीय वर्ष में ₹5,247.67 करोड़ था।
इन नतीजों के साथ ही, कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने अपनी पूर्ण स्वामित्व वाली सब्सिडियरीज़ - Angel Fincap Private Limited और Angel One Wealth Limited - में ₹150 करोड़ प्रत्येक, यानी कुल ₹300 करोड़ के रणनीतिक निवेश को मंजूरी दी है। यह निवेश इन कंपनियों के विकास और संचालन को बढ़ावा देने के लिए किया जाएगा।
इसके अलावा, कंपनी ने पिछली तिमाही में नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (NCDs) के प्राइवेट प्लेसमेंट के जरिए ₹50 करोड़ जुटाए थे। एक अन्य महत्वपूर्ण फैसले में, कंपनी ने आगामी एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में शेयरधारकों की मंजूरी के अधीन, अपनी बरोइंग लिमिट को बढ़ाकर ₹20,000 करोड़ तक करने का प्रस्ताव दिया है। वितीय वर्ष 2026-27 के लिए KPMG Assurance and Consulting Services LLP को आंतरिक ऑडिटर (Internal Auditor) के रूप में नियुक्त किया गया है।
FY26 में मुनाफे और रेवेन्यू में आई गिरावट के बावजूद, सब्सिडियरीज़ में यह बड़ा निवेश Angel One की भविष्य की विस्तार योजनाओं का संकेत देता है। कंपनी का लक्ष्य Angel Fincap के जरिए लेंडिंग (Lending) और Angel One Wealth के जरिए वेल्थ मैनेजमेंट (Wealth Management) सेक्टर में अपनी पकड़ मजबूत करना है।
शेयरधारक 12 जून, 2026 को होने वाली AGM में कंपनी की ₹20,000 करोड़ की बरोइंग लिमिट बढ़ाने के प्रस्ताव पर मतदान करेंगे।
