Q4 में शानदार प्रदर्शन, पूरे साल भी दमदार
कंपनी ने 31 मार्च 2026 को समाप्त हुई चौथी तिमाही (Q4 FY26) में अपने ऑपरेशनल रेवेन्यू में 28% का जोरदार इजाफा दर्ज किया, जो ₹2,556.5 मिलियन पर पहुंच गया। इसी के साथ, नेट प्रॉफिट (PAT) में 125.7% की छलांग लगी और यह ₹415.5 मिलियन रहा।
वहीं, पूरे फाइनेंशियल ईयर 2026 (FY26) की बात करें तो, ऑपरेशनल रेवेन्यू 10.2% बढ़कर ₹9,321.6 मिलियन दर्ज किया गया, जबकि नेट प्रॉफिट (PAT) 24.8% की मजबूती के साथ ₹1,292.7 मिलियन पर पहुंच गया।
ग्रोथ का सीक्रेट: MTF और AUM में बंपर उछाल
इस शानदार प्रॉफिट ग्रोथ के पीछे कंपनी की मार्जिन ट्रेडिंग फैसिलिटी (MTF) बुक का बड़ा हाथ रहा, जो पिछले साल की तुलना में 61% बढ़कर ₹11,019 मिलियन हो गई। इसके अलावा, एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) में भी 21% की अच्छी बढ़ोतरी हुई, जो ₹77,876 मिलियन तक पहुंच गया।
यह नंबर्स एक मज़बूत बिजनेस मॉडल की ओर इशारा करते हैं। कंपनी के नॉन-ब्रोकिंग सेगमेंट, जैसे MTF से मिलने वाली ब्याज आय और डिस्ट्रिब्यूशन फीस, ने ब्रोकिंग रेवेन्यू में आई हल्की कमी को बखूबी संभाला है। इस डाइवर्सिफिकेशन (diversification) ने कंपनी की कमाई के लिए एक ठोस आधार तैयार किया है।
निवेशकों को डिविडेंड का तोहफा
कंपनी के बोर्ड ने शेयरधारकों की मंज़ूरी के बाद FY2026 के लिए ₹5 प्रति शेयर डिविडेंड (Dividend) देने का प्रस्ताव रखा है। यह शेयरधारकों को वैल्यू लौटाने की कंपनी की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
कंपनी की पृष्ठभूमि और रेटिंग में सुधार
Anand Rathi Share and Stock Brokers की स्थापना 1991 में हुई थी और इसका नाम पहले Navratan Capital and Securities Limited था। कंपनी पिछले साल सितंबर 2025 में BSE पर लिस्ट हुई थी।
अप्रैल 2026 में, CARE Ratings ने कंपनी की बैंक फैसिलिटीज और डेट इंस्ट्रूमेंट्स को 'CARE A; Stable/CARE A1+' रेटिंग दी है। रेटिंग एजेंसी ने कहा कि इक्विटी इन्फ्यूजन (equity infusion) से कंपनी की फाइनेंशियल फ्लेक्सिबिलिटी (financial flexibility) बढ़ी है और ग्रोथ वाले सेगमेंट्स को सहारा मिला है।
रेगुलेटरी चिंताएं और जोखिम
मज़बूत नतीजों के बावजूद, कंपनी कुछ जोखिमों का सामना कर रही है। मार्च 2026 में, SEBI ने साइबर सिक्योरिटी और कंप्लायंस (compliance) में गड़बड़ी के कारण Anand Rathi पर ₹10 लाख का जुर्माना लगाया। इससे पहले, जनवरी 2025 में, क्लाइंट फंड के दुरुपयोग जैसे नियमों के उल्लंघन पर ₹5 लाख का जुर्माना लगाया गया था।
इसके अलावा, फरवरी 2026 में सामने आए ₹13 करोड़ के एक संदिग्ध फ्रॉड (fraud) मामले में कानूनी कार्रवाई चल रही है, जो ऑपरेशनल इंटीग्रिटी (operational integrity) पर सवाल खड़े करता है।
पीयर कंपेरिजन (Peer Comparison)
Anand Rathi भारतीय ब्रोकिंग और फाइनेंशियल सर्विसेज सेक्टर में Motilal Oswal Financial Services, ICICI Securities, Angel One, और IIFL Securities जैसे बड़े प्लेयर्स के साथ प्रतिस्पर्धा करती है। फरवरी 2026 की शुरुआत में, Anand Rathi का मार्केट कैपिटलाइजेशन (market capitalization) करीब ₹11,000 करोड़ था, जबकि Angel One (₹15,000 करोड़) और ICICI Securities (₹20,000 करोड़) जैसी कंपनियों का मार्केट कैप ज़्यादा था।
निवेशकों के लिए आगे क्या?
शेयरधारकों की ओर से ₹5 प्रति शेयर डिविडेंड के प्रस्ताव को मंज़ूरी मिलना एक अहम घटना होगी।
निवेशक MTF बुक और AUM की ग्रोथ पर नज़र रखेंगे, साथ ही नॉन-ब्रोकिंग रेवेन्यू स्ट्रीम्स के प्रदर्शन पर भी ध्यान देंगे। हालिया रेगुलेटरी कार्रवाइयों और फ्रॉड की जांच को देखते हुए, कंपनी के साइबर सिक्योरिटी और इंटरनल कंट्रोल्स को मज़बूत करने के प्रयास भी महत्वपूर्ण होंगे।
