शेयरधारकों का कड़ा रुख
Amarnath Securities Limited के शेयरधारकों ने हालिया पोस्टल बैलट में कंपनी के दो अहम प्रस्तावों को अस्वीकार कर दिया है। इनमें कंपनी के बकाया लोन को इक्विटी में बदलना और डायरेक्टर्स के पदनाम में बदलाव शामिल हैं। मतदान 25 अप्रैल, 2026 को संपन्न हुआ।
लोन-टू-इक्विटी कन्वर्जन पर बड़ा झटका
कंपनी के ₹4.74 करोड़ के लोन को इक्विटी में बदलने का प्रस्ताव शेयरधारकों को रास नहीं आया। इस प्रस्ताव का मकसद कंपनी की बैलेंस शीट को मजबूत करना था, लेकिन 79.46% शेयरधारकों ने इसके खिलाफ वोट किया। इस फैसले के बाद यह प्रस्ताव आगे नहीं बढ़ पाएगा।
डायरेक्टर पदनाम में बदलाव भी रिजेक्ट
इसी तरह, मिस्टर राजेंद्रभाई पटेल (Mr. Rajendrabhai Patel) और मिस्टर कौस्तुभ प्रमोद जोशी (Mr. Kaustubh Pramod Joshi) के डायरेक्टर पदनाम में बदलाव के प्रस्ताव को भी 79.46% वोटों से अस्वीकार कर दिया गया। यह शेयरधारकों द्वारा आंतरिक शासन (internal governance) में प्रस्तावित बदलावों पर सतर्कता का संकेत देता है।
ऑडिटर की नियुक्ति पर मुहर
हालांकि, कंपनी के लिए एक अच्छी खबर यह है कि M/S. H K SHAH & CO. को अगले 5 सालों के लिए, यानी फाइनेंशियल ईयर 2025-26 से 2029-30 तक, स्टेटुटरी ऑडिटर (Statutory Auditor) के तौर पर नियुक्त करने के प्रस्ताव को 65.43% वोटों से मंजूरी मिल गई है। इससे कंपनी के वित्तीय ऑडिट में निरंतरता बनी रहेगी।
आगे क्या?
लोन-टू-इक्विटी कन्वर्जन के प्रस्ताव के खारिज होने का मतलब है कि Amarnath Securities को अपने कर्ज प्रबंधन या पूंजी पुनर्गठन (capital restructuring) के लिए वैकल्पिक रणनीतियाँ तलाशनी होंगी। डायरेक्टर पदनाम में बदलाव पर असहमति, कंपनी के आंतरिक प्रबंधन ढांचे में प्रस्तावित फेरबदल पर शेयरधारकों की बारीक नजर को दर्शाती है। यह पोस्टल बैलट 25 मार्च, 2026 को शुरू किया गया था।
ऑडिटर की पुष्टि के साथ, M/S. H K SHAH & CO. अगले पांच फाइनेंशियल ईयर तक अपना काम जारी रखेंगे। कंपनी का कैपिटल स्ट्रक्चर लोन-टू-इक्विटी कन्वर्जन के बिना अपरिवर्तित रहेगा।
