फंड जुटाने की रणनीति
यह टर्म लोन Akme Fintrade के लिए एक अहम कदम है, क्योंकि कंपनी ग्रामीण और अर्ध-शहरी बाजारों पर फोकस करती है। इस ₹15 करोड़ की फंडिंग से कंपनी को अपनी वित्तीय क्षमता बढ़ाने और लोन बांटने की क्षमता को बढ़ाने में मदद मिलेगी, खास तौर पर वाहन और MSME (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम) फाइनेंसिंग के लिए।
कंपनी की फंडिंग जर्नी
Akme Fintrade लगातार अपने फंडिंग बेस को मजबूत कर रही है। कंपनी ने जून 2024 में IPO के जरिए करीब ₹132 करोड़ जुटाए थे। हाल ही में, अप्रैल 2026 में NCDs (Non-Convertible Debentures) के जरिए ₹50 करोड़ और मार्च 2026 में ₹20 करोड़ का टर्म लोन भी हासिल किया था। इन प्रयासों के चलते, कंपनी की क्रेडिट रेटिंग्स को 'ACUITE A-' तक अपग्रेड किया गया है, जो इसके फाइनेंशियल परफॉर्मेंस को दर्शाता है।
AUM और प्रॉफिट में उछाल
दिसंबर 2025 तक, Akme Fintrade का एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) बढ़कर ₹862.62 करोड़ हो गया था। वहीं, दिसंबर 2025 को समाप्त नौ महीनों में कंपनी का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) ₹30.05 करोड़ रहा, जो इसके प्रॉफिटेबिलिटी में सुधार का संकेत देता है।
महत्वपूर्ण पहलू और जोखिम
इस लोन से Akme Fintrade की लिक्विडिटी (liquidity) बेहतर होगी और लोन बांटने की क्षमता बढ़ेगी। हालांकि, कंपनी के पोर्टफोलियो में राजस्थान से 60-63% AUM का भौगोलिक एकाग्रता (concentration) एक चिंता का विषय है। साथ ही, साथियों की तुलना में कंपनी की उधार लेने की लागत (cost of borrowing) थोड़ी अधिक है। SEBI द्वारा IPO फाइलिंग दो बार रोके जाने से कंप्लायंस (compliance) संबंधी संभावित चुनौतियों का भी संकेत मिलता है।
