कंपनी की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, यह अलॉटमेंट 272,002 इक्विटी शेयरों का है, जो 12 मई, 2026 से प्रभावी होगा। इस कदम का मुख्य उद्देश्य कर्मचारियों को कंपनी की सफलता में भागीदार बनाकर उन्हें प्रोत्साहित करना और उन्हें लंबे समय तक कंपनी से जोड़े रखना है।
फाइनेंशियल सर्विसेज सेक्टर में यह एक आम और स्टैंडर्ड प्रैक्टिस है। HDFC Life, ICICI Prudential Life और Bajaj Finance जैसी कई बड़ी कंपनियां भी अपने कर्मचारियों को रिटेन (retain) करने, मोटिवेट (motivate) करने और शेयरधारकों के हितों को कंपनी के विकास से जोड़ने के लिए स्टॉक-आधारित इंसेंटिव (stock-based compensation) का इस्तेमाल करती हैं।
इस नए अलॉटमेंट के चलते मौजूदा शेयरधारकों की हिस्सेदारी (holding) में मामूली कमी (minor dilution) आएगी। हालांकि, आदित्य बिड़ला कैपिटल के कुल साइज को देखते हुए, यह शेयर पूंजी में बढ़ोतरी (increase in capital base) काफी नॉमिनल (nominal) है।
शेयरधारकों के लिए लगातार ESOP इश्यू होने से समय के साथ अपनी हिस्सेदारी में cumulative dilution को लेकर एक कंसर्न बना रह सकता है।
