यह हिस्सेदारी कंपनी की प्रमोटर वानशिका अग्रवाल को उनकी दिवंगत मां, श्रीमती नीनादेवी अग्रवाल के पास से ट्रांसफर हुई है। इस ट्रांसमिशन की वैल्यू ₹20.15 करोड़ आंकी गई है। इस नए स्ट्रक्चर के बाद, प्रमोटर ग्रुप की कुल शेयर होल्डिंग, जिसमें उनके साथ जुड़े लोग (Persons Acting in Concert - PACs) भी शामिल हैं, अब 8.084% तक पहुँच गई है।
यह ट्रांजैक्शन (transaction) किसी नए निवेश के रूप में नहीं हुआ है, बल्कि इनहेरिटेंस (inheritance) के ज़रिए हुआ है। इसलिए, कंपनी में नया फंड (fund) नहीं आया है और न ही इससे कंपनी की मौजूदा बिजनेस स्ट्रेटेजी (business strategy) या ग्रोथ प्लान (growth plan) में कोई तत्काल बदलाव आने की उम्मीद है।
Ad-Manum Finance एक नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC) के तौर पर काम करती है। यह फाइनेंसिंग, लीजिंग, हायर परचेज और बिल डिस्काउंटिंग जैसी सेवाएं मुहैया कराती है। भारतीय NBFC सेक्टर में, प्रमोटर्स की मजबूत और कंसोलिडेटेड होल्डिंग को अक्सर कॉर्पोरेट गवर्नेंस (corporate governance) और ऑपरेशनल स्टेबिलिटी (operational stability) के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।
वानशिका अग्रवाल की सीधी हिस्सेदारी में यह बढ़ोतरी हुई है, और प्रमोटर ग्रुप का यह बड़ा स्टेक (stake) कंपनी पर उनके लगातार नियंत्रण और प्रतिबद्धता को दर्शाता है।