समय से पहले कर्ज चुकाने का बड़ा फैसला
Aadhar Housing Finance Ltd. ने बाकायदा एक सर्टिफिकेट फाइल करके इस बात की पुष्टि की है कि उन्होंने अपने ₹12.50 करोड़ के नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (NCDs) का पूरा प्रिंसिपल अमाउंट और ब्याज का भुगतान कर दिया है। यह भुगतान, मैच्योरिटी डेट 31 मार्च 2026 से ठीक एक दिन पहले, 30 मार्च 2026 को पूरा हो गया था।
निवेशकों का भरोसा बढ़ा
कर्ज का यह समय से पहले भुगतान Aadhar Housing Finance की मजबूत लिक्विडिटी (liquidity) और वित्तीय जिम्मेदारियों को पूरा करने की क्षमता को दर्शाता है। यह अफोर्डेबल हाउसिंग जैसे सेक्टर में काम करने वाली कंपनियों के लिए एक बहुत ही पॉजिटिव संकेत है, जहाँ निवेशकों को लगातार कैपिटल (capital) की उपलब्धता पर भरोसा होना ज़रूरी है।
कंपनी का प्रोफाइल और ग्रोथ
1990 में स्थापित Aadhar Housing Finance, भारत के अफोर्डेबल हाउसिंग मार्केट में कम आय वाले लोगों और पहली बार घर खरीदने वालों को फाइनेंसियल सपोर्ट देने में माहिर है। कंपनी विस्तार के लिए NCDs के जरिए फंड जुटाती रही है। मई 2024 में IPO के बाद से, Blackstone Group इस कंपनी का एक महत्वपूर्ण शेयरहोल्डर (shareholder) बना हुआ है।
आगे की राह और चुनौतियाँ
31 मार्च 2025 तक, कंपनी का एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) ₹25,531 करोड़ था, जिसमें पिछले फाइनेंशियल ईयर के मुकाबले 21% की ग्रोथ देखी गई। NCDs कंपनी की कुल फंडिंग का 21% थे। हालांकि, बरोइंग की कॉस्ट (cost of borrowings) FY25 में बढ़कर 8.4% हो गई, जो FY24 में 8.0% थी। कंपनी को सितंबर 2024 में RBI से ₹5 लाख का जुर्माना भी झेलना पड़ा था। कम आय वाले उधारकर्ताओं पर फोकस होने के कारण, एसेट क्वालिटी (asset quality) को लेकर भी चुनौतियाँ बनी हुई हैं।