मुनाफे पर MTM का असर, AUM में जोरदार उछाल
जहां एक ओर कंपनी के मुनाफे पर 18% की गिरावट दिखी, वहीं दूसरी ओर उसके एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) में 17% की जोरदार उछाल आई है, जो ₹4.74 लाख करोड़ को पार कर गया है। यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से पोर्टफोलियो मैनेजमेंट सर्विसेज (PMS) और अल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट फंड्स (AIF) में तीन गुना बढ़त के कारण हुई, जिनका प्रबंधन ₹32,570 करोड़ तक पहुंच गया। ESIC जैसे बड़े संस्थानों से मिले नए मैंडेट्स ने इसमें अहम भूमिका निभाई।
रेवेन्यू बढ़ा, पर MTM लॉसेस ने बिगाड़ा खेल
कंपनी का रेवेन्यू 7% बढ़कर ₹458 करोड़ रहा, लेकिन 'अदर इनकम' में हुए मार्क-टू-मार्केट (MTM) लॉसेस ने नेट प्रॉफिट को ₹187 करोड़ पर ला दिया। एक्सपर्ट्स का मानना है कि MTM लॉसेस, जो निवेश के बाजार मूल्य में उतार-चढ़ाव से जुड़े होते हैं, कंपनी के कोर ऑपरेशनल परफॉरमेंस का हिस्सा नहीं हैं।
निवेशकों को मिला डिविडेंड का तोहफा
निवेशकों को खुश करने के लिए, कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 2026 के लिए ₹25.50 प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड घोषित किया है।
भविष्य की चुनौतियां और बढ़त के कारण
मैनेजमेंट नई SEBI रेगुलेटरी गाइडलाइन्स के कारण इक्विटी यील्ड पर पड़ने वाले अनुमानित 3-4 bps के असर को कम करने के लिए कमीशन स्ट्रक्चर और कॉस्ट एफिशिएंसी पर काम कर रहा है। साथ ही, नए ESOP स्कीम के चलते अगले फाइनेंशियल ईयर से हर तिमाही ₹8-10 करोड़ का अतिरिक्त कर्मचारी खर्च बढ़ सकता है।
कंपनी ने डिजिटल सेवाओं का विस्तार किया है और GIFT City में अपनी सब्सिडियरी लॉन्च की है। इस तिमाही में सिस्टेमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) के नए रजिस्ट्रेशन में 16% की बढ़ोतरी हुई, जो लगभग 6 लाख तक पहुंच गए। कुल निवेशक खाते 1.1 करोड़ से अधिक हो गए हैं।
कॉम्पिटिशन और आगे क्या देखना होगा?
भारतीय एसेट मैनेजमेंट इंडस्ट्री में ABSL AMC चौथे स्थान पर है। बड़े प्लेयर्स जैसे HDFC AMC और ICICI Prudential AMC के मुकाबले कंपनी को इक्विटी मार्केट शेयर बनाए रखने में चुनौती का सामना करना पड़ता है। निवेशकों की नज़रें कंपनी की इक्विटी फंड्स में मार्केट शेयर बढ़ाने की क्षमता, नए इनफ्लो को मैनेज करने और GIFT City से नए प्रोडक्ट्स लॉन्च करने पर रहेंगी।
Q4 FY26 के लिए, इक्विटी यील्ड 62-63 bps, डेट यील्ड 24-25 bps, और लिक्विड यील्ड 12-13 bps पर रहे।
