आयकर विभाग (Income Tax Authority) ने 360 ONE WAM Limited और इसकी पूरी तरह से मालिकाना हक वाली सब्सिडियरी 360 ONE PRIME LIMITED को टैक्स असेसमेंट ऑर्डर्स (tax assessment orders) जारी किए हैं। इन ऑर्डर्स के तहत कुल ₹336.14 करोड़ की मांग की गई है। इसमें 360 ONE WAM के लिए ₹192.42 करोड़ और 360 ONE PRIME के लिए ₹143.72 करोड़ की मांग शामिल है, जिसमें सरचार्ज और सेस भी जुड़ा हुआ है। यह डिमांड अप्रैल 1, 2018 से मार्च 27, 2025 तक के असेसमेंट इयर्स (assessment years) के लिए है।
दोनों कंपनियों, 360 ONE WAM और 360 ONE PRIME, का कहना है कि उनका मानना है कि उन्होंने अपने सभी टैक्स ऑब्लिगेशन्स (tax obligations) पूरे किए हैं। इसलिए, कंपनियां इन टैक्स डिमांड ऑर्डर्स के खिलाफ अपील करने का इरादा रखती हैं। कंपनी का मैनेजमेंट (management) उम्मीद कर रहा है कि इन डिमांड्स और अपील प्रक्रिया का कंपनी की फाइनेंसियल पोजीशन (financial position) या चल रहे ऑपरेशंस (operations) पर कोई मटेरियल इम्पैक्ट (material impact) नहीं पड़ेगा।
हालांकि कंपनी ने कहा है कि कोई बड़ा असर नहीं पड़ेगा, लेकिन इतनी बड़ी टैक्स डिमांड निवेशकों के सेंटीमेंट (investor sentiment) को प्रभावित कर सकती है और रेगुलेटरी अटेंशन (regulatory attention) भी खींच सकती है। अपील प्रोसेस लंबा हो सकता है। अगर अपीलें सफल नहीं होती हैं, तो कंपनी को प्रोविजन्स (provisions) के लिए पैसा अलग रखना पड़ सकता है, जिससे उसकी प्रॉफिटेबिलिटी (profitability) या कैश रिजर्व्स (cash reserves) पर असर पड़ सकता है। शेयरहोल्डर्स (Shareholders) किसी भी डेवलपमेंट के लिए अपील की प्रगति पर बारीकी से नजर रखेंगे।
360 ONE WAM, जिसे पहले IIFL Wealth Management Limited के नाम से जाना जाता था, भारत की फाइनेंसियल सर्विसेज इंडस्ट्री (financial services industry) में एक बड़ा नाम है। 2008 में स्थापित और जनवरी 2023 में रीब्रांड (rebranded) होने वाली यह कंपनी हाई-नेट-वर्थ इंडिविजुअल्स (high-net-worth individuals) और इंस्टीट्यूशनल क्लाइंट्स (institutional clients) के लिए वेल्थ और एसेट मैनेजमेंट (wealth and asset management) पर फोकस करती है। जनवरी 2025 में, इनकम टैक्स डिपार्टमेंट (Income Tax Department) ने कथित तौर पर टैक्स चोरी के आरोपों के संबंध में कंपनी के और उसके फाउंडर के मुंबई स्थित ऑफिस पर सर्च (searches) की थी। उस समय, कंपनी ने अधिकारियों के साथ पूरा सहयोग करने की पुष्टि की थी।
कंपनी भारत में एक कॉम्पिटिटिव वेल्थ मैनेजमेंट सेक्टर (competitive wealth management sector) में काम करती है, जिसमें Nuvama Wealth और Anand Rathi Wealth जैसी फर्म्स भी शामिल हैं। ये कंपटीटर्स (competitors) भी हाई-नेट-वर्थ क्लाइंट्स (affluent clients) को सेवाएँ देते हैं और फाइनेंसियल प्रोडक्ट्स (financial products) डिस्ट्रीब्यूट करते हैं, जबकि एक जटिल रेगुलेटरी माहौल (regulatory environment) में काम करते हैं। जहाँ तक सार्वजनिक रूप से ज्ञात है, इन साथियों ने हाल ही में इसी तरह के बड़े पैमाने पर टैक्स डिमांड का सामना नहीं किया है।
निवेशक (Investors) 360 ONE WAM और 360 ONE PRIME द्वारा दायर अपीलों की टाइमलाइन (timeline) और नतीजों पर अपडेट का इंतजार करेंगे। इनकम टैक्स अथॉरिटी (Income Tax Authority) से कोई और स्पष्टीकरण या भविष्य की अर्निंग कॉल्स (earnings calls) के दौरान मैनेजमेंट की ओर से अपील की प्रगति पर कोई टिप्पणी भी बारीकी से देखी जाएगी।
