360 ONE WAM के FY26 में जोरदार नतीजे
कंपनी की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, 31 मार्च 2026 को समाप्त हुए फिस्कल ईयर में, 360 ONE WAM ने ₹1,015 करोड़ के मुकाबले 20.7% की बढ़त के साथ ₹1,225 करोड़ का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। कुल रेवेन्यू में भी 18.6% की सालाना बढ़ोतरी हुई, जो पिछले साल के ₹2,652 करोड़ से बढ़कर ₹3,144 करोड़ हो गया।
इस शानदार प्रदर्शन की एक बड़ी वजह कंपनी के एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) में जबरदस्त वृद्धि है, जो ₹6,74,492 करोड़ के पार पहुंच गया है। खासकर, एनुअल रिकरिंग रेवेन्यू (ARR) मॉडल के तहत मैनेज किए जा रहे एसेट्स में 26.4% की शानदार तेजी देखी गई, जो ₹3,11,940 करोड़ पर पहुंच गया।
फिस्कल ईयर की आखिरी तिमाही, Q4 FY26 में भी कंपनी का प्रदर्शन मजबूत रहा। इस तिमाही में नेट प्रॉफिट 16.8% बढ़कर ₹292 करोड़ और रेवेन्यू 18.5% बढ़कर ₹780 करोड़ रहा।
कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने अपने शेयरहोल्डर्स को ₹6 प्रति शेयर का अंतरिम डिविडेंड (Interim Dividend) देने की भी घोषणा की है।
AUM और ARR AUM में हुई यह बड़ी वृद्धि निवेशकों के बढ़ते भरोसे और कंपनी के इंटीग्रेटेड प्लेटफॉर्म की कामयाबी को दर्शाती है।
यह कंपनी, जिसे पहले IIFL Wealth Management के नाम से जाना जाता था, जनवरी 2023 में 360 ONE WAM के रूप में रीब्रांड हुई। अपने ग्रोथ फेज को मजबूत करने के लिए कंपनी ने B&K Securities के अधिग्रहण जैसे कदम उठाए हैं और UBS AG के साथ एक अहम सहयोग पर भी काम चल रहा है। जून 2025 में Capital Group ने भी कंपनी में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाकर 12.11% कर ली थी।
हालांकि, कंपनी के कुछ सब्सिडियरी पर छोटे-मोटे रेगुलेटरी एक्शन भी हुए हैं, जैसे MCXCCL द्वारा ₹25 लाख का जुर्माना और SEBI के साथ ₹14.62 लाख का सेटलमेंट।
360 ONE WAM वेल्थ और एसेट मैनेजमेंट सेक्टर में Motilal Oswal Financial Services, Anand Rathi Wealth जैसे कई बड़े खिलाड़ियों के साथ प्रतिस्पर्धा करती है।
कुल मिलाकर, 360 ONE WAM का FY26 का प्रदर्शन काफी मजबूत रहा है और आने वाले समय में कंपनी अपनी ग्रोथ को बनाए रखने के लिए रणनीतिक कदम उठाती रहेगी।
