दमदार नतीजे और शेयरहोल्डर्स को तोहफा
ZF Commercial Vehicle Control Systems India Ltd के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने 13 मई, 2026 को वित्तीय वर्ष 2025-26 (31 मार्च, 2026 को समाप्त) के ऑडिटेड वित्तीय नतीजों को मंजूरी दे दी है। कंपनी ने कंसोलिडेटेड रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशन्स (Consolidated Revenue from Operations) के तौर पर ₹1,15,523.39 लाख यानी ₹1,155.23 करोड़ की कमाई की है। वहीं, कंसोलिडेटेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (Consolidated Profit After Tax) ₹14,632.14 लाख यानी ₹146.32 करोड़ रहा, जो कि पिछले साल से बेहतर प्रदर्शन को दर्शाता है।
डिविडेंड और बोनस पर बड़ा फैसला
कंपनी ने अपने शेयरहोल्डर्स को पुरस्कृत करने के लिए ₹4 प्रति इक्विटी शेयर (फेस वैल्यू ₹5) के फाइनल डिविडेंड (Final Dividend) की सिफारिश की है। इसके अलावा, शेयरहोल्डर्स की मंजूरी मिलने पर 5:1 के अनुपात में बोनस शेयर (Bonus Share) जारी करने की भी घोषणा की गई है।
सब्सिडियरी में बड़ा निवेश
कंपनी ने अपनी सब्सिडियरी ZF MIPL में ₹300 करोड़ के बड़े निवेश का भी ऐलान किया है। इस फंड का इस्तेमाल कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capital Expenditure), वर्किंग कैपिटल (Working Capital) और लोन चुकाने के लिए किया जाएगा। इसके साथ ही, कंपनी अपनी अधिकृत शेयर पूंजी (Authorized Share Capital) को ₹10 करोड़ से बढ़ाकर ₹60 करोड़ करने का प्रस्ताव भी लाई है, जिसके लिए शेयरहोल्डर्स की मंजूरी की आवश्यकता होगी।
आगे क्या उम्मीदें?
यह रणनीतिक कदम कंपनी के विकास की योजनाओं को दर्शाता है। सब्सिडियरी में किया गया निवेश भविष्य में क्षमता विस्तार (Capacity Expansion) या तकनीकी उन्नयन (Technological Upgrades) की ओर इशारा करता है, जिससे कंपनी की भविष्य की कमाई बढ़ने की उम्मीद है। वहीं, डिविडेंड और बोनस इश्यू से शेयरहोल्डर्स का भरोसा भी बढ़ेगा।
