Tata Motors का FY26 का कंसोलिडेटेड प्रॉफिट (Consolidated Profit) ₹82,645 करोड़ रहा, जो कि निवेशकों के लिए एक बड़ी खबर है। लेकिन, इस आंकड़े को समझने के लिए डीमर्जर (Demerger) से मिले ₹82,616 करोड़ के अकाउंटिंग गेन (Accounting Gain) को ध्यान में रखना होगा। असल ऑपरेशनल परफॉरमेंस पर नजर डालें तो, कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू (Consolidated Revenue) 8.33% गिरकर ₹335,582 करोड़ पर आ गया। साथ ही, कंपनी के जारी ऑपरेशंस (Continuing Operations) में ₹1,377 करोड़ का नेट लॉस (Net Loss) दर्ज किया गया।
पैसेंजर व्हीकल (Passenger Vehicle) सेगमेंट के स्टैंडअलोन रेवेन्यू में 17.22% की अच्छी ग्रोथ जरूर दर्ज की गई है। Jaguar Land Rover (JLR) की प्रोडक्शन (Production) में चौथे क्वार्टर में सामान्यता आई, जो पिछले साइबर हमलों के बाद एक राहत भरी खबर थी। कंपनी के बोर्ड ने ₹3.00 प्रति शेयर के फाइनल डिविडेंड (Final Dividend) की भी सिफारिश की है।
कंपनी ने अपने नेट डेट (Net Debt) को घटाकर ₹30.7K करोड़ कर लिया है, जो कि एक सकारात्मक संकेत है। यह ध्यान देने योग्य है कि अप्रैल 2024 में Tata Motors ने अपने पैसेंजर व्हीकल (PV) और कमर्शियल व्हीकल (CV) बिजनेस को अलग-अलग लिस्टेड कंपनियों में डीमर्ज (Demerge) करने की योजना का ऐलान किया था। इसका मकसद हर बिजनेस यूनिट पर फोकस बढ़ाना और वैल्यू अनलॉक करना है।
निवेशकों को इस बड़े प्रॉफिट फिगर से परे जाकर कंपनी के असल ऑपरेशनल परफॉरमेंस को देखना होगा, खासकर JLR सेगमेंट की परफॉरमेंस और डेट कम करने के प्रयासों पर नजर रखनी होगी। डीमर्जर योजना के एग्जीक्यूशन (Execution) में चुनौतियां, JLR के ग्लोबल बिजनेस पर जियो-पॉलिटिकल टेंशन (Geopolitical Tensions), कमोडिटी की कीमतों में उतार-चढ़ाव और टैरिफ (Tariffs) का असर, और ₹30.7K करोड़ का भारी नेट डेट कुछ प्रमुख जोखिम हैं।
तुलना करें तो, जहां Maruti Suzuki ने FY26 में करीब ₹13,000 करोड़ का प्रॉफिट और ₹1,40,000 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया, वहीं Mahindra & Mahindra का प्रॉफिट लगभग ₹15,000 करोड़ और रेवेन्यू ₹1,20,000 करोड़ रहा। Tata Motors के कंसोलिडेटेड आंकड़े JLR पर निर्भरता और इंटरनेशनल मार्केट के कारण काफी बड़े हैं, लेकिन वे एक अधिक जटिल वित्तीय तस्वीर पेश करते हैं।
