Schaeffler India ने 30 अप्रैल 2026 को अपनी 63वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में भविष्य की ग्रोथ और डाइवर्सिफिकेशन के लिए एक सॉलिड प्लान पेश किया। कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO, Harsha Kadam ने इस दौरान कैलेंडर ईयर 2025 (CY25) के शानदार परफॉरमेंस के बारे में बताया। CY25 में कंपनी का रेवेन्यू ₹939.53 करोड़ रहा, जिसमें 19.6% का EBITDA मार्जिन और 26.0% का ROCE दर्ज किया गया। साथ ही, शेयरधारकों को ₹35 प्रति शेयर का डिविडेंड भी दिया गया।
कंपनी का फोकस अब ई-मोबिलिटी और नई टेक्नोलॉजी पर है। पिछले तीन सालों में, Schaeffler India ने पावरट्रेन और ई-मोबिलिटी के डेवलपमेंट पर ₹1,700 करोड़ का बड़ा निवेश किया है। अपनी क्षमताओं को और मजबूत करने के लिए, कंपनी ने नवंबर 2022 में पुणे में €10 मिलियन की लागत से एक सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट सेंटर भी खोला है, जो ई-मोबिलिटी के लिए खास सॉफ्टवेयर और इलेक्ट्रॉनिक्स पर काम करेगा।
यह कंपनी केवल ऑटोमोटिव और इंडस्ट्रियल सेक्टर्स तक सीमित नहीं रहेगी। Schaeffler India अब ह्यूमनॉइड रोबोट्स, ई-एविएशन, डेटा सेंटर्स, डिफेंस, बैटरी टेक्नोलॉजी, न्यू स्पेस और हाइड्रोजन जैसे हाई-पोटेंशियल वाले नए सेक्टर्स में भी एंट्री करने की तैयारी कर रही है। ई-मोबिलिटी में लगातार हो रहे डेवलपमेंट, जैसे कि ई-एक्सल का लोकलाइजेशन, भविष्य में कंपनी के रेवेन्यू को बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगा।
बाजार में कॉम्पिटिशन को देखते हुए, Schaeffler India के मुख्य प्रतिद्वंदियों में Timken India Ltd और SKF India Ltd शामिल हैं। वहीं, ऑटोमोटिव कंपोनेंट्स सेक्टर में, खासकर इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) से जुड़े प्रोडक्ट्स में, Sona BLW Precision Forgings Ltd एक बड़ा नाम है। 2024 में, कंपनी के रेवेन्यू में ऑटोमोटिव टेक्नोलॉजीज का योगदान 34% और बियरिंग्स एंड इंडस्ट्रियल सॉल्यूशंस का 35% था।
इन नए सेक्टर्स में सफल एग्जीक्यूशन और मार्केट में स्वीकार्यता भविष्य की सफलता के लिए महत्वपूर्ण होगी। इन्वेस्टर्स अब नए प्रोडक्ट्स के डेवलपमेंट, ई-एक्सल लोकलाइजेशन में प्रगति, कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन और ESG पहलों पर बारीकी से नज़र रखेंगे।
