इंटीग्रेशन और दमदार प्रदर्शन का कमाल
SML Mahindra का प्रदर्शन इंडस्ट्री ग्रोथ से काफी बेहतर रहा। कंपनी ने जहां 18% का रेवेन्यू ग्रोथ हासिल किया, वहीं नेट प्रॉफिट में 31% की उछाल दर्ज की। यह कंपनी के कुल रेवेन्यू ग्रोथ 17% से 4% ज्यादा है, जबकि सेक्टर की ग्रोथ 13% रही। यह शानदार नतीजा कंपनी के Mahindra Group में पूरी तरह इंटीग्रेशन के करीब 8 महीने बाद आया है, जिसके बाद कंपनी का क्रेडिट रेटिंग भी AA- से बढ़कर AA+ हो गया है।
फायदे ही फायदे: इंटीग्रेशन का मिला डबल लाभ
Mahindra Group का हिस्सा बनने से SML Mahindra को कई बड़े फायदे हुए हैं। कंपनी अब सर्विस सेंटरों का इस्तेमाल आपस में कर पा रही है और Mahindra के इंजीनियरिंग एक्सपर्टीज का फायदा उठाकर कॉस्ट कटिंग भी कर रही है, खासकर ADAS डेवलपमेंट जैसे क्षेत्रों में।
भविष्य की योजनाएं: EV बस से लेकर नए इंजन तक
कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 2031 (FY31) के लिए बड़े लक्ष्य तय किए हैं। SML Mahindra का टारगेट ₹15,000 करोड़ का रेवेन्यू हासिल करना और मार्केट शेयर 6% से बढ़ाकर 10-12% करना है। इसी फाइनेंशियल ईयर में कंपनी अपनी पहली इलेक्ट्रिक बस (EV Bus) लॉन्च करने की तैयारी में है। साथ ही, 3.8-लीटर का नया इंजन भी विकसित किया जा रहा है, जो डीजल और CNG दोनों वेरिएंट में आएगा।
बढ़ी लागतों का असर और निवेशक क्या देखें?
हालांकि, कंपनी को कुछ चुनौतियों का सामना भी करना पड़ सकता है। स्टील, एल्युमीनियम, कॉपर और पॉलिमर्स जैसी प्रमुख कमोडिटीज (Commodities) की कीमतों में भारी वृद्धि से कंपनी की लागत पर सालाना 3.5% से 3.7% तक का असर पड़ने की आशंका है। खासकर स्टील की कीमतें, जिनकी हेजिंग नहीं की जा सकती, इनपुट लागत को अस्थिर बना सकती हैं। साथ ही, डीजल की कीमतों में संभावित वृद्धि से कमर्शियल व्हीकल सेक्टर की मांग प्रभावित हो सकती है।
FY26 में SML Mahindra का प्रदर्शन Tata Motors, Ashok Leyland और VE Commercial Vehicles जैसे दिग्गजों से बेहतर रहा है। अब निवेशकों की निगाहें नई इलेक्ट्रिक बस के लॉन्च, नए इंजन के विकास, कमोडिटी की कीमतों को मैनेज करने की कंपनी की क्षमता और FY31 के महत्वाकांक्षी लक्ष्यों को हासिल करने की गति पर टिकी रहेंगी।
