Ola Electric की नई 46100 फॉर्मेट वाली LFP (लिथियम आयरन फॉस्फेट) सेल अब तैयार है। यह मौजूदा NMC (निकेल मैंगनीज कोबाल्ट) सेल से बड़ी है। कंपनी की Gigafactory में तेजी से काम चल रहा है, और इसकी 4680 सेल्स से चलने वाले हजारों वाहन पहले ही लाखों किलोमीटर की दूरी तय कर चुके हैं, जो बैटरी टेक्नोलॉजी और मैन्युफैक्चरिंग में कंपनी की तरक्की को दिखाता है।
इस नई LFP सेल के आने से इलेक्ट्रिक वाहनों की लागत में और भी कमी आने की उम्मीद है। यह भारत में EVs को बड़े पैमाने पर अपनाने की दिशा में एक अहम कदम है। यह Ola के बैटरी स्टोरेज प्रोडक्ट्स के लिए एक मजबूत नींव रखेगा और Gigafactory ऑपरेशन्स को बड़ा करने में मदद करेगा।
Ola Electric बैटरी टेक्नोलॉजी और मैन्युफैक्चरिंग में भारी निवेश कर रही है। कंपनी की योजना Gigafactory की क्षमता को 6 GWh तक पहुंचाने की है, जिससे भारत के डोमेस्टिक बैटरी इकोसिस्टम को मजबूती मिलेगी और वर्टिकल इंटीग्रेशन के जरिए लागत कम होगी। कंपनी ने इस विस्तार के लिए पहले करीब ₹3,200 करोड़ जुटाए थे।
निवेशकों को अब अगली तिमाही से इन नई LFP सेल्स के प्रोडक्ट्स में सफल इंटीग्रेशन और वाहन की कीमतों में वास्तविक कमी आने का इंतजार रहेगा।