कंपनी ने कैसे हासिल किया रिकॉर्ड रेवेन्यू?
वित्त वर्ष 2025-26 (FY26) में Maruti Suzuki India ने कुल ₹1,87,673 करोड़ का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू हासिल कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। यह रेवेन्यू मजबूत बिक्री वॉल्यूम (sales volume) की बदौलत संभव हुआ है। पिछले वित्त वर्ष में कंपनी की कुल बिक्री 2.4 मिलियन यूनिट से अधिक रही, जिसमें 4.48 लाख यूनिट्स का एक्सपोर्ट (निर्यात) भी शामिल है, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है।
मुनाफे पर क्यों रहा दबाव?
रिकॉर्ड रेवेन्यू के बावजूद, कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट ₹14,679.5 करोड़ पर सीमित रहा। जानकारों का मानना है कि बढ़ते ऑपरेशनल खर्चे (rising costs) कंपनी के प्रॉफिट मार्जिन पर हावी रहे, जिस वजह से मुनाफे में उतनी बढ़ोतरी नहीं दिखी जितनी रेवेन्यू में हुई।
भविष्य के लिए बड़ा निवेश
Maruti Suzuki भविष्य की ग्रोथ के लिए बड़ा दांव खेल रही है। कंपनी ने FY26 में ₹10,397.6 करोड़ का कैपिटल एक्सपेंडिचर (capex) किया है और FY27 के लिए ₹14,000 करोड़ का प्लान बनाया है। इस निवेश का मुख्य उद्देश्य अपनी प्रोडक्शन कैपेसिटी (उत्पादन क्षमता) को बढ़ाना है, जिसके तहत कंपनी 2030-31 तक 4 मिलियन यूनिट्स तक पहुंचने का लक्ष्य रखती है।
इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) की ओर कदम
कंपनी ने अपनी पहली इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV), ई-विटारा (e-Vitara) को लॉन्च किया है, जिसे 44 देशों में एक्सपोर्ट किया जा रहा है। यह कदम कंपनी के विद्युतीकरण (electrification) की ओर बढ़ते सफर को दर्शाता है।
अन्य महत्वपूर्ण अपडेट्स:
- स्ट्रक्चरल बदलाव: 1 अप्रैल, 2025 से Suzuki Motor Gujarat Private Limited का Maruti Suzuki India में विलय (amalgamation) हो गया है।
- कानूनी मामले: कंपनी फिलहाल कुछ कानूनी चुनौतियों का सामना कर रही है। अगस्त 2021 में भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) ने डिस्काउंट कंट्रोल पॉलिसी पर ₹200 करोड़ का जुर्माना लगाया था, जिस पर कंपनी ने अपील की है। वहीं, मार्च 2024 में कस्टम विभाग ने कथित इंपोर्ट वायलेशन पर ₹27.87 लाख के भुगतान का निर्देश दिया है, जिसके खिलाफ भी कंपनी अपील करेगी।
- कॉम्पिटिशन (प्रतिस्पर्धा): Maruti Suzuki का मुकाबला Tata Motors, Hyundai Motor India और Mahindra & Mahindra जैसी कंपनियों से है। Tata Motors EV सेगमेंट में 71% मार्केट शेयर के साथ आगे है।
- Q4 FY26 नतीजे: चौथे क्वार्टर (Q4) में कंपनी का रेवेन्यू ₹52,462.5 करोड़ और नेट प्रॉफिट ₹3,659 करोड़ रहा।
आगे क्या देखें?
निवेशक अब कंपनी के मैनेजमेंट से बढ़ते इनपुट कॉस्ट को कम करने और मार्जिन सुधारने की रणनीतियों पर बारीकी से नजर रखेंगे। कैपेसिटी एक्सपेंशन, EV रोडमैप, डोमेस्टिक डिमांड और एक्सपोर्ट का आउटलुक, और प्रतिस्पर्धी दबावों से निपटने की कंपनी की योजनाएं अहम रहेंगी। 28 अप्रैल, 2026 को हुई निवेशक कॉल की ऑडियो रिकॉर्डिंग कंपनी की वेबसाइट पर उपलब्ध है।
