बोर्ड मीटिंग में क्या खास?
Mahindra & Mahindra के निवेशकों का इंतजार जल्द खत्म होगा। कंपनी ने बताया है कि 5 मई, 2026 को बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की एक खास मीटिंग होने वाली है। इस मीटिंग का मुख्य एजेंडा 31 मार्च, 2026 को खत्म हुए फाइनेंशियल ईयर 2025-26 (FY26) के लिए कंपनी के स्टैंडअलोन और कंसॉलिडेटेड ऑडिटेड फाइनेंशियल रिजल्ट्स को फाइनल करना है।
इस मीटिंग में कंपनी के लिए एक और बड़ी खबर आ सकती है - डिविडेंड (Dividend) का ऐलान। बोर्ड इस फाइनेंशियल ईयर के लिए डिविडेंड की सिफारिश पर विचार करेगा, जो शेयरधारकों के लिए सीधे तौर पर फायदे का सौदा हो सकता है।
नतीजों और डिविडेंड की घोषणा के बीच, M&M ने अपने सिक्योरिटीज के लिए ट्रेडिंग विंडो को 1 अप्रैल, 2026 से 7 मई, 2026 तक बंद रखने का भी ऐलान किया है।
निवेशकों के लिए क्यों है अहम?
यह बोर्ड मीटिंग निवेशकों के लिए इसलिए भी खास है क्योंकि इससे उन्हें कंपनी की पूरी फाइनेंशियल परफॉरमेंस का एकदम सही अंदाजा मिलेगा। FY26 के नतीजों से पता चलेगा कि कंपनी ने कितना मुनाफा कमाया और कितना सफल रही। डिविडेंड पर लिया गया फैसला सीधे शेयरधारकों की कमाई पर असर डालेगा।
पिछले साल का प्रदर्शन (FY25)
अगर पिछले फाइनेंशियल ईयर (FY25) की बात करें, तो Mahindra & Mahindra ने शानदार प्रदर्शन किया था। कंपनी का कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू ₹1,59,211 करोड़ रहा था, जबकि नेट प्रॉफिट (PAT) ₹12,929 करोड़ दर्ज किया गया था। ऑटोमोटिव सेगमेंट के रेवेन्यू में 19% और फार्म इक्विपमेंट सेगमेंट में 6% की सालाना बढ़ोतरी देखी गई थी। पिछले साल M&M ने ₹25.30 प्रति शेयर का डिविडेंड दिया था।
साथियों का प्रदर्शन
दूसरे प्रमुख ऑटो कंपनियों की बात करें, तो FY25 में Tata Motors का नेट प्रॉफिट 11.5% घटकर ₹28,149 करोड़ रहा। वहीं, Ashok Leyland के नेट प्रॉफिट में 26% का इजाफा हुआ और यह ₹3,303 करोड़ पर पहुंचा। Escorts Kubota का नेट प्रॉफिट भी 19.2% बढ़कर ₹1,124 करोड़ हो गया।
आगे क्या देखें?
अब निवेशकों की नजरें नतीजों के साथ आने वाले मैनेजमेंट के कमेंट्री पर होंगी। FY27 के लिए कंपनी का आउटलुक और मार्केट की मौजूदा स्थिति पर कंपनी क्या कहती है, यह जानना अहम होगा। साथ ही, प्रस्तावित डिविडेंड की राशि और उसके पीछे के कारणों पर भी ध्यान रहेगा।