JBM Auto Limited ने अपने शेयरधारकों और निवेशकों के लिए एक अहम जानकारी जारी की है। कंपनी ने 1 अप्रैल, 2026 से अपनी सिक्योरिटीज (शेयरों) के लिए ट्रेडिंग विंडो बंद करने का फैसला किया है। यह कदम SEBI (सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया) के नियमों के तहत उठाया गया है, जिसका मुख्य उद्देश्य 31 मार्च, 2026 को समाप्त हो रहे फाइनेंशियल ईयर FY26 और चौथी तिमाही के ऑडिटेड फाइनेंशियल रिजल्ट्स जारी होने से पहले अंदरूनी खरीद-बिक्री (insider trading) को रोकना है। हाल ही में, कंपनी ने असामान्य ट्रेडिंग वॉल्यूम में बढ़ोतरी पर BSE को जवाब देते हुए अपने अनुपालन की पुष्टि भी की थी।
इस दौरान, कंपनी के डायरेक्टर्स, प्रमोटर्स, कर्मचारी, कंपनी से जुड़े लोग और उनके करीबी रिश्तेदारों को JBM Auto के शेयरों की खरीद-बिक्री करने की इजाजत नहीं होगी। यह ट्रेडिंग विंडो कंपनी के FY26 के फाइनल नतीजों के सार्वजनिक होने के 48 घंटे बाद ही फिर से खोली जाएगी।
यह प्रक्रिया बाजार में निष्पक्षता बनाए रखने और सभी निवेशकों को समान जानकारी तक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। JBM Auto, जो ऑटो सिस्टम्स बनाने में एक प्रमुख कंपनी है और ई-मोबिलिटी सेक्टर में भी सक्रिय है, इस तरह के नियामक उपायों का पालन करती है।
कंपनी के पिछले नतीजों की बात करें तो, FY26 की तीसरी तिमाही (Q3 FY26) में JBM Auto का रेवेन्यू ₹1,613.98 करोड़ रहा था। वहीं, इस फाइनेंशियल ईयर के पहले नौ महीनों (9-month FY26) में कुल रेवेन्यू ₹4,236.10 करोड़ दर्ज किया गया था।
बाजार के जानकारों का कहना है कि इस तरह की ट्रेडिंग विंडो क्लोजर ऑटो कंपोनेंट सेक्टर की कई कंपनियां, जैसे Endurance Technologies और Uno Minda, भी अपने वित्तीय नतीजे घोषित करने से पहले करती हैं। यह SEBI के नियमों के अनुपालन का एक सामान्य तरीका है।
निवेशक अब उस तारीख का इंतजार कर रहे हैं जब बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की मीटिंग में FY26 और Q4 FY26 के ऑडिटेड फाइनेंशियल रिजल्ट्स को मंजूरी मिलेगी और उसके बाद ट्रेडिंग विंडो कब फिर से खुलेगी।
