Exide Industries: EV बैटरी प्लांट के लिए ₹450 करोड़ का बड़ा बूस्ट!

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Exide Industries: EV बैटरी प्लांट के लिए ₹450 करोड़ का बड़ा बूस्ट!
Overview

Exide Industries ने अपनी पूरी तरह से मालिकाना हक वाली सब्सिडियरी (subsidiary) Exide Energy Solutions Limited (EESL) में **₹450 करोड़** का अतिरिक्त निवेश किया है। यह फंड बेंगलुरु में EESL के नए लिथियम-आयन बैटरी मैन्युफैक्चरिंग प्लांट के लिए है। इस निवेश के साथ EESL में Exide का कुल कैपिटल (capital) बढ़कर **₹4,802.23 करोड़** हो गया है, जो इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) बैटरी सेक्टर में कंपनी के बड़े फोकस को दर्शाता है।

Exide का EV बैटरी फ्यूचर

Exide Industries ने अपने इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) बैटरी कारोबार को मजबूत करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने अपनी पूरी तरह से सब्सिडियरी Exide Energy Solutions Limited (EESL) में ₹450 करोड़ की भारी राशि निवेश की है। यह फंड बेंगलुरु में स्थापित हो रहे EESL के लिथियम-आयन बैटरी मैन्युफैक्चरिंग प्लांट के निर्माण के लिए है।

कुल निवेश का आंकड़ा ₹4,800 करोड़ के पार

इस ताज़ा निवेश के बाद Exide Industries का EESL में कुल इन्वेस्टमेंट (investment) अब ₹4,802.23 करोड़ तक पहुंच गया है। Exide Energy Solutions Limited (EESL) की स्थापना मार्च 2022 में हुई थी और यह कंपनी EV के लिए लिथियम-आयन बैटरी सेल्स, मॉड्यूल और पैक्स बनाने का काम कर रही है।

EV ग्रोथ के लिए स्ट्रेटेजिक (Strategic) कदम

यह इन्वेस्टमेंट भारत के तेजी से बढ़ते इलेक्ट्रिक व्हीकल मार्केट में Exide की एंट्री को और मज़बूत करेगा। बेंगलुरु में बन रहे इस बड़े 'Giga Factory' के ज़रिए कंपनी का लक्ष्य EV कंपोनेंट्स के लिए एक मजबूत मैन्युफैक्चरिंग बेस तैयार करना है, जिससे इंपोर्ट पर निर्भरता कम हो और भविष्य में ग्रोथ पक्की हो सके।

लीड-एसिड से लिथियम-आयन की ओर

Exide, जो पारंपरिक लीड-एसिड बैटरी के लिए जानी जाती है, उसने 2023 की शुरुआत में EV के लिए लिथियम-आयन बैटरी बनाने का एलान किया था। कंपनी ने बेंगलुरु में एक ग्रीनफील्ड फैक्ट्री की योजना बनाई थी, जिसके लिए शुरूआती अनुमान ₹6,000 करोड़ से ज़्यादा का था। यह ₹450 करोड़ का ताजा निवेश इस नई वेंचर के प्रति कंपनी की प्रतिबद्धता को दिखाता है।

नई निवेश का असर

इस फंड से बेंगलुरु में EESL की एडवांस्ड बैटरी मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी का काम तेज़ी से आगे बढ़ेगा। Exide, भारत की EV सप्लाई चेन में अपनी भूमिका और बढ़ाएगा। अब EESL में कुल इन्वेस्टमेंट ₹4,800 करोड़ से ज़्यादा है, जो Exide के EV लक्ष्यों के बड़े पैमाने को दर्शाता है।

चुनौतियाँ भी कम नहीं

हालांकि, EESL को शुरुआती दौर में कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। फाइनेंशियल ईयर 2025 के अंत तक कंपनी को ₹209.12 करोड़ का लॉस (loss) हुआ है, जो बैटरी प्रोडक्शन में हाई इनिशियल खर्चों को दर्शाता है। EV बैटरी मार्केट काफी कॉम्पिटिटिव (competitive) होता जा रहा है, जिसमें कई डोमेस्टिक (domestic) और इंटरनेशनल कंपनियां अपनी जगह बनाने की कोशिश कर रही हैं। बैटरी टेक्नोलॉजी में लगातार हो रहे बदलावों के कारण R&D और इन्वेस्टमेंट की ज़रूरत बनी रहेगी।

कॉम्पिटिशन (Competition) का माहौल

Exide, Reliance New Energy, Ola Electric, Tata Motors और Tata Power जैसी बड़ी कंपनियों के साथ इस सेक्टर में खड़ी है। Reliance New Energy और Ola Electric भी बड़े पैमाने पर Gigafactories और बैटरी टेक्नोलॉजी में इन्वेस्टमेंट कर रहे हैं। Exide का फायदा उसके पुराने ब्रांड नेम और डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क (distribution network) में है, जो उसे EV सेगमेंट में आगे बढ़ने में मदद कर सकता है।

EESL का फाइनेंशियल (Financial) हाल

फाइनेंशियल ईयर 2025 के अंत तक Exide Energy Solutions Limited का टर्नओवर (turnover) ₹116.89 करोड़ रहा। वहीं, 31 मार्च, 2025 तक EESL की नेट वर्थ (net worth) ₹2,738.06 करोड़ थी।

आगे क्या?

इन्वेस्टर्स (investors) अब बेंगलुरु स्थित Giga Factory के निर्माण की प्रगति और प्लांट के शुरू होने की टाइमलाइन पर नज़र रखेंगे। साथ ही, EESL की प्रोडक्शन कैपेसिटी (capacity) और वह किस तरह की बैटरी बनाएगी, यह भी अहम होगा। EV बनाने वाली कंपनियों के साथ किसी भी सप्लाई एग्रीमेंट (supply agreement) या पार्टनरशिप (partnership) की घोषणाओं पर भी गौर किया जाएगा। Subsidiary का लॉस कम करके प्रॉफिट (profit) की ओर बढ़ना निवेशकों के लिए मुख्य चिंता का विषय रहेगा।

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