Uttam Sugar Mills ने वित्त वर्ष 2025-26 (31 मार्च, 2026 को समाप्त) के लिए अपने ऑडिट किए गए नतीजे घोषित किए हैं। कंपनी का रेवेन्यू (Revenue) ₹2,100 करोड़ रहा, जबकि नेट प्रॉफिट (Net Profit) ₹70 करोड़ दर्ज किया गया।
कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने 15 मई, 2026 को हुई बैठक में इन नतीजों को मंजूरी दी। बोर्ड ने शेयरधारकों को प्रति इक्विटी शेयर ₹2.50 का डिविडेंड (Dividend) देने की सिफारिश की है, जिसका फेस वैल्यू ₹10 है। यह सिफारिश प्रेफरेंस शेयरधारकों पर भी लागू होगी।
परिचालन में निरंतरता सुनिश्चित करने के लिए, कंपनी ने ऑडिटर (Auditor) की नियुक्ति को भी मंजूरी दी। M/s S. S. Kothari Mehta & Company LLP अगले तीन वित्तीय वर्षों (2026-27 से 2028-29) के लिए इंटरनल ऑडिटर (Internal Auditor) बने रहेंगे। वहीं, M/s M. K. Singhal & Co. वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए कॉस्ट ऑडिटर (Cost Auditor) नियुक्त किए गए हैं।
यह प्रदर्शन पिछले वित्तीय वर्ष, 2024-25 के मुकाबले एक अच्छी प्रगति दिखाता है, जब कंपनी ने लगभग ₹2,000 करोड़ के रेवेन्यू पर ₹50 करोड़ का नेट प्रॉफिट कमाया था और ₹2.00 प्रति शेयर का डिविडेंड दिया था।
Uttam Sugar Mills अपनी एथेनॉल (Ethanol) उत्पादन क्षमता को बढ़ाने पर जोर दे रही है, जो भारत के बढ़ते बायोफ्यूल (Biofuel) लक्ष्यों के अनुरूप है। यह विविधीकरण (Diversification) कंपनी की विकास रणनीति का मुख्य हिस्सा है। हालांकि, कंपनी एक प्रतिस्पर्धी बाजार में काम करती है, जिसमें Balrampur Chini Mills Ltd., Dhampur Sugar Mills Ltd., और Dwarikesh Sugar Industries Ltd. जैसे बड़े नाम शामिल हैं। शुगर की कीमतों में उतार-चढ़ाव और सरकारी नीतियों में बदलाव कंपनी के व्यवसाय और मुनाफे को प्रभावित कर सकते हैं।
निवेशकों की नजर अब आगामी एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में डिविडेंड की मंजूरी पर रहेगी। वे मैनेजमेंट से भविष्य के प्रदर्शन, कच्चे माल की उपलब्धता और सरकारी नीतियों के असर पर भी अपडेट की उम्मीद कर रहे हैं।