कैसा रहा मार्च का प्रदर्शन?
कंपनी के जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, मार्च 2026 में 190,653 मीट्रिक टन (MTs) गन्ने की पेराई हुई, जो पिछले साल मार्च (202,401 MTs) के मुकाबले कम है। चीनी की बिक्री भी घटकर 11,726 MTs रह गई, जबकि पिछले साल यह 17,148 MTs थी। हालांकि, अच्छी खबर यह है कि कुल चीनी उत्पादन 19,389 MTs तक पहुंच गया, जो पिछले साल के 18,497 MTs से थोड़ा बेहतर है।
यूनिट III बनी स्टार परफॉर्मर
कंपनी की विल्लुपुरम डिस्ट्रिक्ट स्थित यूनिट III इस दौरान सबसे बेहतरीन साबित हुई। इस यूनिट ने गन्ना पेराई, चीनी उत्पादन और बिक्री, तीनों ही क्षेत्रों में ग्रोथ दर्ज की। यूनिट I में चीनी की बिक्री में सुधार देखा गया, लेकिन गन्ना पेराई और उत्पादन में कमी आई। वहीं, यूनिट II में बिक्री और पावर जनरेशन सहित ज़्यादातर प्रमुख मेट्रिक्स में गिरावट दर्ज की गई।
पावर जनरेशन में बड़ी गिरावट
एक चिंताजनक बात यह भी है कि बिजली उत्पादन (Power Generation) में भारी गिरावट आई है। इस बार केवल 231.09 लाख यूनिट बिजली का उत्पादन हुआ, जबकि पिछले साल इसी महीने में यह 854.77 लाख यूनिट था।
ये आंकड़े तमिलनाडु में Rajshree Sugars की इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग सुविधाओं के कामकाज को दर्शाते हैं, जिसमें चीनी उत्पादन, सह-उत्पादन (Co-generation) से बिजली बनाना और मोलासेस से इथेनॉल डिस्टिलेशन शामिल है। चीनी बिक्री में गिरावट सीधे रेवेन्यू को प्रभावित करती है, जबकि बिजली उत्पादन में उतार-चढ़ाव एक महत्वपूर्ण आय स्रोत को प्रभावित करता है।