BSE से मिली 'ग्रीन सिग्नल'
Prime Fresh Limited ने जानकारी दी है कि BSE ने उन्हें प्रमोटरों को अलॉट किए गए 1,18,849 इक्विटी शेयरों को लिस्ट करने की इजाजत दे दी है। ये शेयर प्रेफरेंशियल बेसिस पर वॉरंट्स को कन्वर्ट करके इश्यू किए गए थे।
इन शेयर्स की फेस वैल्यू ₹10 प्रति शेयर है, लेकिन इन्हें ₹154 के प्रीमियम पर इश्यू किया गया है, जिससे कुल इश्यू प्राइस ₹164 प्रति शेयर हो जाता है। BSE की यह मंजूरी एक अहम कदम है, जो इन शेयरों को एक्सचेंज पर ट्रेड करने का रास्ता साफ करती है। हालांकि, अभी फाइनल ट्रेडिंग क्लीयरेंस और अन्य ज़रूरी रेगुलेटरी नियमों का पालन करना बाकी है।
इस कदम से प्रमोटरों के पास अपनी हिस्सेदारी को भुनाने (लिक्विडिटी) का बेहतर मौका मिलेगा और कंपनी की कैपिटल स्ट्रक्चर में भी बदलाव आएगा। मौजूदा शेयरधारकों के लिए कुल आउटस्टैंडिंग शेयर्स की संख्या में थोड़ी बढ़ोतरी देखी जाएगी।
कंपनी का बिजनेस क्या है?
साल 2007 में स्थापित Prime Fresh, अहमदाबाद स्थित एक एग्री वैल्यू चेन कंपनी है। यह फलों और सब्जियों की सोर्सिंग, हैंडलिंग और डिस्ट्रीब्यूशन का काम करती है, जो डोमेस्टिक और इंटरनेशनल दोनों मार्केट में सप्लाई करती है। कंपनी पहले भी वॉरंट कन्वर्जन के जरिए अपनी कैपिटल स्ट्रक्चर और प्रमोटर स्टेक को एडजस्ट करती रही है।
आगे की राह और अन्य महत्वपूर्ण बातें
लिस्टिंग की मंजूरी एक पॉजिटिव संकेत है, लेकिन Prime Fresh को SEBI के नियमों के तहत जरूरी लिस्टिंग और ट्रेडिंग अप्रूवल की आवश्यकताओं का पालन करना होगा। कंपनी को 7 वर्किंग डेज के अंदर BSE से ट्रेडिंग अप्रूवल के लिए अप्लाई करने की उम्मीद है। इसके अलावा NSDL और CDSL जैसे डिपॉजिटरी से कन्फर्मेशन लेटर्स भी चाहिए होंगे। अगर लागू हो तो नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) से भी लिस्टिंग अप्रूवल की ज़रूरत पड़ सकती है।
Prime Fresh एग्री-वैल्यू चेन सेक्टर में काम करती है, जहां इसके पीयर्स में LT Foods Ltd, Godrej Agrovet Ltd, और KRBL Ltd जैसी कंपनियां शामिल हैं।
