कर्ज घटाने और संपत्ति बेचने पर McLeod Russel का बड़ा कदम
15 मई, 2026 को हुई McLeod Russel India Ltd की बोर्ड मीटिंग में कंपनी की वित्तीय स्थिति को सुधारने के लिए अहम फैसले लिए गए। कंपनी ने J.C. Flowers ARC के साथ ₹150 करोड़ के वन-टाइम सेटलमेंट (OTS) के लिए हामी भर दी है। यह सेटलमेंट कंपनी के 31 मार्च, 2026 तक के ₹749.80 करोड़ के बकाया बकाए को सुलझाने के मकसद से किया जाएगा। इस OTS को 30 जून, 2027 तक पूरा करने की योजना है।
मथुरा टी एस्टेट्स की बिक्री से मिलेगी नकदी
इसके अलावा, बोर्ड ने अपने मथुरा टी एस्टेट्स को ₹34.20 करोड़ (प्लस लागू GST) में बेचने की मंजूरी भी दे दी है। यह एस्टेट फाइनेंशियल ईयर 2024-25 में ₹27 करोड़ का टर्नओवर कमाता था, जो कंपनी के कुल रेवेन्यू का लगभग 3% था। इस एसेट की बिक्री 31 जुलाई, 2026 तक पूरी होने की उम्मीद है।
आदित्य खৈত होंगे मैनेजिंग डायरेक्टर
नेतृत्व में स्थिरता बनाए रखने के लिए, आदित्य खৈত को 17 मई, 2026 से प्रभावी तीन साल के कार्यकाल के लिए मैनेजिंग डायरेक्टर के रूप में फिर से नियुक्त किया गया है।
वित्तीय सुधार और आगे की राह
ये मंजूरी McLeod Russel की वित्तीय सेहत को बेहतर बनाने की दिशा में अहम कदम हैं। डेट सेटलमेंट से कंपनी की कुल देनदारियां काफी हद तक कम होंगी। मथुरा टी एस्टेट्स की बिक्री से प्राप्त नकदी का उपयोग कर्ज और कम करने या परिचालन को सहारा देने के लिए किया जा सकता है। श्री खৈত के नेतृत्व में निरंतरता से कंपनी को स्थिर रणनीतिक दिशा मिलने की उम्मीद है।
जरूरी मंजूरियां और चुनौतियां
मथुरा टी एस्टेट्स की बिक्री का सफल समापन संतोषजनक ड्यू डिलिजेंस और शेयरहोल्डरों से जरूरी मंजूरी मिलने पर निर्भर करेगा, जैसा कि SEBI के नियमों के अनुसार आवश्यक है। OTS की भुगतान समय-सीमा का 30 जून, 2027 तक सख्ती से पालन करना होगा। श्री खৈত की पुनः नियुक्ति के लिए सदस्यों और अन्य नियामक मंजूरी का इंतजार है।
उद्योग का परिदृश्य
McLeod Russel भारतीय चाय बागान क्षेत्र में Goodricke Group Ltd और Dhunseri Tea & Industries Ltd जैसी कंपनियों के साथ प्रतिस्पर्धा करती है। जहां McLeod Russel कर्ज समाधान और संपत्ति की बिक्री पर ध्यान केंद्रित कर रही है, वहीं इसके प्रतिस्पर्धी भी उद्योग की विशिष्ट बाजार गतिशीलता और परिचालन चुनौतियों का सामना कर रहे हैं।
आगे के कदम
निवेशक मथुरा टी एस्टेट्स की बिक्री के अंतिम रूप दिए जाने का इंतजार करेंगे, जिसमें शेयरहोल्डर वोटिंग के परिणाम शामिल हैं। OTS भुगतान समय-सीमा का पालन महत्वपूर्ण होगा। कंपनी मैनेजिंग डायरेक्टर के पुनः नियुक्ति और उनके पारिश्रमिक के लिए औपचारिक मंजूरी भी मांगेगी। कर्ज में कमी की प्रगति पर और अपडेट्स पर नजर रखी जाएगी।