Manglam Global: नतीजों के साथ उठी चिंताएं
Manglam Global Corporations के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने 16 मई, 2026 को एक बैठक में 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष और तिमाही के लिए ऑडिटेड वित्तीय नतीजों को मंजूरी दी। वित्तीय वर्ष 2026 (FY26) के लिए, कंपनी ने कुल ₹19.34 करोड़ का कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू और ₹0.26 करोड़ का प्रॉफिट बिफोर टैक्स (PBT) दर्ज किया। वहीं, मार्च तिमाही (Q4 FY26) में ₹10.76 करोड़ का रेवेन्यू और ₹0.22 करोड़ का PBT देखा गया।
इस दौरान, कंपनी ने मिस्टर आयूष अग्रवाल एंड एसोसिएट्स को अगले पांच वर्षों के लिए आंतरिक ऑडिटर (Internal Auditor) और मेसर्स रवि पटिदार एंड एसोसिएट्स को सेक्रेटरियल ऑडिटर (Secretarial Auditor) के रूप में फिर से नियुक्त किया है, जिससे कामकाज में निरंतरता बनी रहेगी।
गंभीर सवाल और जोखिम
हालांकि, ऑडिटेड नतीजों की मंजूरी के साथ ही कंपनी की फाइलिंग में कुछ महत्वपूर्ण मुद्दे सामने आए हैं। कंपनी ने FY26 के लिए अपने अकाउंटिंग सॉफ्टवेयर में एक ऑडिट ट्रेल (edit log) को मेंटेन नहीं किया है, जो वित्तीय रिकॉर्ड की पूर्णता और पता लगाने की क्षमता को प्रभावित कर सकता है।
इसके अतिरिक्त, एक संबंधित पक्ष (related party) को ₹4.70 करोड़ का लोन दिया गया था, जो 31 मार्च, 2026 तक ₹4.72 करोड़ बकाया था। इस लोन के लिए दस्तावेजीकरण में स्पष्ट ब्याज दरें और पुनर्भुगतान की शर्तें शामिल नहीं थीं, जिससे पारदर्शिता और वित्तीय शासन पर सवाल उठ रहे हैं। इतना ही नहीं, किसानों को किए गए कैश पेमेंट्स के लिए औपचारिक आंतरिक मंजूरी और दस्तावेजीकरण का काम भी लंबित है। इन मुद्दों पर मैनेजमेंट को काफी ध्यान देने की आवश्यकता हो सकती है और यह भविष्य के कंप्लायंस और इन्वेस्टर कॉन्फिडेंस को प्रभावित कर सकते हैं।
आगे क्या देखना है?
निवेशक मैनेजमेंट से कई मोर्चों पर प्रगति पर नज़र रखेंगे। मुख्य क्षेत्रों में अकाउंटिंग सॉफ्टवेयर के ऑडिट ट्रेल की कमी को दूर करना, संबंधित पक्ष के लोन की शर्तों को स्पष्ट करना और आवश्यक मंजूरी व दस्तावेजीकरण के साथ किसानों को कैश पेमेंट को नियमित करना शामिल है।